लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर सबसे गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बहाने उत्तर प्रदेश में करीब तीन करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की सुनियोजित साजिश चल रही है। हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 40 से 50 हजार वोट काटे जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर विपक्षी दलों – खासकर सपा और INDIA गठबंधन के समर्थक – हैं।
अखिलेश ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“भाजपा जानती है कि जनता उसके खिलाफ है। इसलिए अब वह चुनाव चोरी का नया तरीका अपना रही है – वोटर लिस्ट से ही वोट गायब कर दो। यह लोकतंत्र पर खुला हमला है।”
कानपुर का वायरल ऑडियो क्लिप बना सबूत
अखिलेश ने एक ऑडियो क्लिप चलाकर दिखाया, जिसमें कानपुर के एक एसडीएम कथित रूप से BLO को निर्देश दे रहे हैं कि “ज्यादा से ज्यादा नाम काटो, खासकर उन इलाकों से जहां सपा मजबूत है।” अखिलेश ने इसे “प्रशासनिक साजिश का जीता-जागता प्रमाण” बताया और कहा कि ऐसे सैकड़ों ऑडियो और वीडियो उनके पास हैं।
उन्होंने बताया कि
मुस्लिम बहुल इलाकों में 70-80% फॉर्म-7 (नाम हटाने के फॉर्म) भरे जा रहे हैं
यादव, पासी, कुर्मी बाहुल्य गांवों में BLO बिना सत्यापन के ही नाम काट रहे हैं
शादी-ब्याह और खेती के मौसम में जानबूझकर SIR चलाया जा रहा है ताकि लोग विरोध न कर सकें
तीन करोड़ का गणित कैसे?
- उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें
- औसतन हर सीट पर 45,000 वोट कटने का अनुमान
- कुल = 403 × 45,000 = लगभग 1.81 करोड़ (सपा का दावा)
- कुछ सीटों पर 1 लाख तक कटौती → कुल आंकड़ा 3 करोड़ के पार
अखिलेश ने पूरे प्रदेश में “वोट बचाओ अभियान” शुरू करने का ऐलान किया:
- हर बूथ पर 10-10 कार्यकर्ता तैनात
- वोटर हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1950 पर कॉल करके नाम चेक करने की अपील
- 5 दिसंबर तक हर जिले में “वोटर अधिकार रैली”
- 10 दिसंबर को लखनऊ में बड़ा धरना-प्रदर्शन
उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल मांग की:
- SIR की समय सीमा 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाई जाए
- नाम काटने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे
- हर फॉर्म-7 पर संबंधित व्यक्ति के हस्ताक्षर अनिवार्य हों
- सभी राजनीतिक दलों को BLO की लिस्ट और फॉर्म-7 की कॉपी दी जाए