लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठन को और मजबूत करने के लिए बुधवार देर रात 14 जिलों के नए जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी। यह ऐलान प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी महेंद्र नाथ पांडेय ने किया, जो 98 जिलों में से अब तक 84 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को पूरा करता है। नई सूची में 5 पुराने नेताओं पर फिर से भरोसा जताया गया है, जबकि 6 नए चेहरे शामिल हैं। पार्टी ने जातीय समीकरण साधते हुए 7 सामान्य वर्ग, 6 पिछड़ा वर्ग (OBC) और 1 अनुसूचित जाति (SC) से जिलाध्यक्ष चुने हैं। यह कदम 2027
विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
प्रदेश BJP अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने ट्वीट कर सभी नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों को बधाई दी और कहा, “आप सभी BJP की नीतियों व सिद्धांतों का पालन करते हुए संगठन को मजबूत करेंगे तथा उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और सुशासन के अभियान को आगे बढ़ाएंगे।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे “संगठन पर्व” का हिस्सा बताते हुए नए नेताओं से अपेक्षाएं जताईं।
14 जिलों के नए जिलाध्यक्षों की सूची
- मेरठ जिला – हरवीर पाल
- हापुड़ – कविता माधरे
- फिरोजाबाद जिला – उदय प्रताप सिंह
- हाथरस – प्रेम सिंह कुशवाहा
- अलीगढ़ महानगर – राजीव शर्मा
- अलीगढ़ जिला – कृष्ण पाल सिंह लाला
- एटा – प्रमोद गुप्ता
- जालौन – उर्विजा दीक्षित
- झांसी महानगर – सुधीर सिंह
- हमीरपुर – शकुन्तला निषाद
- फतेहपुर – अन्नू श्रीवास्तव
- बाराबंकी – राम सिंह वर्मा
- जौनपुर – अजीत प्रजापति
- कौशांबी – धर्मराज मौर्या
इस सूची में 5 जिलाध्यक्ष – कृष्ण पाल सिंह लाला (अलीगढ़), संजय सिंह (कासगंज), राम स्वरूप वर्मा (हरदोई), विजय कुमार सिंह (बरेली) और एक अन्य – ऐसे हैं, जिन्हें पार्टी ने अपनी मेहनत और संगठन क्षमता के लिए दोबारा मौका दिया। बाकी 9 नए नाम हैं, जो पार्टी की नई पीढ़ी को बढ़ावा देने की रणनीति को दर्शाते हैं।
2027 पर फोकस
BJP की यह घोषणा नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति से ठीक पहले आई है, जो संगठन में उत्साह भरने का काम करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि OBC और SC कोटे पर जोर देकर पार्टी विपक्ष के जातिगत ध्रुवीकरण को तोड़ने की कोशिश कर रही है। पिछले संगठन चुनावों में 17 से अधिक उम्मीदवारों के बीच चयन प्रक्रिया चली, जिसमें जिला स्तर पर वोटिंग हुई। अब बचे 14 जिलों के नाम जल्द घोषित होने की संभावना है।
यह कदम न सिर्फ संगठन को मजबूत करेगा, बल्कि आने वाले लोकसभा उपचुनावों और 2027 विधानसभा चुनावों में BJP को फायदा पहुंचाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है, और नए जिलाध्यक्षों ने कमान संभालते ही जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का वादा किया है।