प्रयागराज : संगम नगरी प्रयागराज एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। आगामी माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ 13 जनवरी (मकर संक्रांति) से होगा और 26 फरवरी (महा शिवरात्रि) तक 44 दिनों तक चलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार और मेला प्रशासन ने इसे “मिनी कुंभ” की तरह भव्य बनाने का ऐलान किया है। इस बार 6 प्रमुख स्नान पर्व होंगे, जिनमें 3 शाही स्नान भी शामिल हैं। करीब 4 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
- मकर संक्रांति – 13 जनवरी 2026 (मेला उद्घाटन एवं पहला शाही स्नान)
- मौनी अमावस्या – 28 जनवरी 2026 (मुख्य शाही स्नान, सबसे बड़ा स्नान पर्व)
- बसंत पंचमी – 2 फरवरी 2026 (दूसरा शाही स्नान)
- माघ पूर्णिमा – 12 फरवरी 2026
- महा शिवरात्रि – 26 फरवरी 2026 (समापन एवं तीसरा शाही स्नान)
इस बार खास क्या?
- 1550 हेक्टेयर क्षेत्र में मेला लगेगा, जो पिछले साल से 200 हेक्टेयर ज्यादा है
- 1.20 लाख अस्थायी शौचालय, 15,000 से अधिक एलईडी लाइटें, 40 घाट और 25 पंटून पुल
- 12 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र, 24×7 कंट्रोल रूम और ड्रोन निगरानी
- पहली बार “डिजिटल माघ मेला” ऐप – लाइव दर्शन, खोया-पाया, आपातकालीन मदद
- 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी, 8 NDRF और 6 SDRF टीमें तैनात
- 150 पार्किंग स्थल, 20,000 से अधिक बसें और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी
- स्वास्थ्य के लिए 15 अस्थायी अस्पताल और 4 केंद्रीय चिकित्सालय
अखाड़ों का भव्य जुलूस
तीन शाही स्नानों में 13 वैष्णव-सनातन अखाड़ों के साधु-संत हाथी, घोड़े, रथ और बाजे-गाजे के साथ शाही स्नान करेंगे। मौनी अमावस्या पर सबसे विशाल पेशवाई देखने को मिलेगी। जूना, निरंजनी, महानिर्वाणी, अटल, आवाहन, आनंद और निर्मल अखाड़े मुख्य रूप से शामिल होंगे।
कल्पवास का विशेष महत्व
इस बार करीब 15 लाख कल्पवासी संगम तट पर एक महीने तक कठोर व्रत-उपवास करेंगे। 13 जनवरी से 12 फरवरी तक कल्पवास होगा। मौनी अमावस्या को कल्पवास पूरा होने पर विशेष पूजा होगी।
योगी सरकार की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कई बार समीक्षा बैठकें की हैं।
- 1200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
- 40 किमी सड़कें चौड़ीकरण और नई बनाई गईं
- संगम नोस क्षेत्र में गहरीकरण और साफ-सफाई
- 1000 से अधिक CCTV और AI आधारित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम
- 24 घंटे बिजली-पानी और स्वच्छता पर खास जोर