भारत के लिए ऐतिहासिक जीत: अहमदाबाद करेगा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, 20 साल बाद मिली मेजबानी

ग्लासगो – भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी ताकत दिखाई है। गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी सौंप दी गई है। यह फैसला बुधवार को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में लिया गया, जहां भारत की बोली को पूर्ण समर्थन मिला।

2010 में दिल्ली के बाद 20 साल बाद भारत को यह सम्मान मिला है, जो 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में शुरू हुए इस आयोजन का शताब्दी संस्करण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “ऐतिहासिक क्षण” बताते हुए कहा, “दुनिया का स्वागत करने को उत्सुक हैं।”

यह मेजबानी न सिर्फ भारत की खेल क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि 2036 ओलंपिक की दावेदारी को भी बल देगी। कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) ने अहमदाबाद की बोली को “विजनरी और महत्वाकांक्षी” करार दिया, जो युवा ऊर्जा, सांस्कृतिक विविधता और खेल जुनून पर आधारित है। नाइजीरिया के अबूजा को हराने वाली भारत की यह जीत CGF की ‘गेम्स रीसेट’ नीति के अनुरूप है, जो टिकाऊ और सशक्त आयोजन पर जोर देती है।

बोली की कहानी: चुनौतियों से जीत तक
2030 CWG की होस्टिंग के लिए बोली प्रक्रिया 2021 से शुरू हुई थी। मार्च 2025 तक इच्छुक शहरों को आवेदन जमा करने का समय था, और अगस्त तक पूर्ण दस्तावेज। भारत और नाइजीरिया ही अंतिम दौर में बचे, लेकिन CGF की एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने अक्टूबर में अहमदाबाद को सिफारिश की। जनरल असेंबली में 74 राष्ट्रों ने इसे मंजूरी दी। CGF के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा, “भारत स्केल, महत्वाकांक्षा और प्रासंगिकता लाता है। यह हमारी अगली शताब्दी की मजबूत शुरुआत है।”

अहमदाबाद की बोली में मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहा, जो 2010 दिल्ली गेम्स की आलोचना (लागत वृद्धि और देरी) से सबक लेता है। यहां 70% से ज्यादा वेन्यू पहले से तैयार हैं, जिनमें मामूली बदलाव की जरूरत है। सितंबर 2025 में बोली जमा करने के बाद, अक्टूबर में सिफारिश मिली। फैसले के तुरंत बाद ग्लासगो में 20 गरबा डांसर्स और 30 ढोल वादकों ने भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन किया, जिसने माहौल को उत्सवमय बना दिया।

अहमदाबाद क्यों चुना गया?
अहमदाबाद ने हाल के वर्षों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति ला दी है। मुख्य केंद्र सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव (SVPSE) होगा, जो निर्माणाधीन है और बहु-खेल सुविधाओं से लैस होगा। दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम – नरेंद्र मोदी स्टेडियम (1,30,000 क्षमता) – उद्घाटन और समापन समारोह का आयोजन करेगा। अन्य वेन्यू में कराई पुलिस अकादमी (एथलेटिक्स, शूटिंग) और मौजूदा स्टेडियम शामिल हैं।

गेम्स अक्टूबर 2030 में होंगे, मौसम के अनुकूल। 15-17 खेल होंगे, जिसमें एथलेटिक्स, स्विमिंग, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, नेटबॉल, जिमनास्टिक्स, वेटलिफ्टिंग और बाउल्स शामिल। पैरा-स्पोर्ट्स भी होंगे। भारत दो अतिरिक्त खेल (नए या पारंपरिक) सुझा सकता है, जैसे कबड्डी या योगासन। आयोजन अहमदाबाद-गांधीनगर क्लस्टर तक सीमित रहेगा, जो यात्रा को आसान और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगा। गुजरात ने 2022 नेशनल गेम्स की सफल मेजबानी से साबित किया कि यह शहर खेल हब बन सकता है।

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, “यह विश्वास का सम्मान है। 2030 गेम्स न सिर्फ शताब्दी मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव रखेंगे।” केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे “युवा सशक्तिकरण” का माध्यम बताया। दिल्ली में फैसले पर मेजर ध्यानचंद स्टेडियम पर आतिशबाजी और जश्न हुआ।

ओलंपिक की ओर कदम
यह मेजबानी भारत की 2036 ओलंपिक बोली को मजबूत करेगी, जहां अहमदाबाद फोकल सिटी है। शहर पहले ही कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप, एशियन एक्वाटिक्स चैंपियनशिप, एएफसी अंडर-17 एशियन कप क्वालिफायर्स जैसे इवेंट्स होस्ट कर चुका है। 2026 में एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशिया पैरा-आर्चरी कप, तथा 2029 में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स की तैयारी चल रही है।