हांगकांग : हांगकांग के उत्तरी इलाके ताई पो में बुधवार शाम को लगी भयंकर आग ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। वांग फुक कोर्ट आवासीय परिसर की सात हाईराइज इमारतों में फैली इस आग ने हजारों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, करीब 2,000 फ्लैट्स में रहने वाले हजारों निवासी धुएं और लपटों की चपेट में फंस गए थे। अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 279 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। 45 घायल गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं।
यह हादसा हांगकांग के इतिहास का सबसे घातक अग्निकांडों में से एक है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा नुकसान है। 1996 के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जानें गई हैं। आग दोपहर करीब 5 बजे शुरू हुई, जब इमारतों के बाहर लगे बांस के स्कैफोल्डिंग (निर्माण जाल) में किसी चिंगारी से आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण लपटें और धुआं तेजी से फैल गया, जो इमारतों के अंदर तक पहुंच गया। निवासियों ने बताया कि उन्होंने जोरदार धमाका सुनने के बाद आग की लपटें देखीं।
प्रशासनिक जांच में संदेह जताया गया है कि इमारतों पर लगे सुरक्षात्मक जाल, प्लास्टिक शीट और खिड़कियों-दीवारों पर चिपकाए गए स्टायरोफोम जैसे सामग्रियों ने आग को और भयानक बना दिया। ये सामग्री आग प्रतिरोधी मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिससे लपटें तेजी से ऊपर की ओर फैलीं। हांगकांग पुलिस ने तीन लोगों – उम्र 52 से 68 वर्ष – को लापरवाही से मौत का कारण बनने के संदेह में गिरफ्तार किया है। ये लोग इमारतों पर चल रहे रखरखाव कार्य से जुड़े एक कंपनी के कर्मचारी बताए जा रहे हैं।
हांगकांग के मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने कहा, “यह एक स्तर 5 का अलार्म है, जो शहर के लिए गंभीर संकट है।” उन्होंने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और जांच तेज करने का वादा किया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भी शोक संदेश भेजा है। अग्निशमन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डेरिक आर्मस्ट्रांग चैन ने बताया कि रात भर की अंधेरी और ऊंचे तापमान ने बचाव कार्य को मुश्किल बनाया। फायरफाइटर्स को गिरते मलबे और स्कैफोल्डिंग से खतरा रहा।
धुएं में घुटन, चीखें गूंजीं
वांग फुक कोर्ट परिसर 1983 में बना था और यहां 2,000 से ज्यादा फ्लैट्स हैं। कई टावरों पर रखरखाव के लिए बांस का स्कैफोल्डिंग लगा था, जो हांगकांग में आम है लेकिन अब सुरक्षा चिंताओं के कारण सार्वजनिक परियोजनाओं में हटाने की योजना है। एक 71 वर्षीय निवासी वोंग ने आंसू भरी आंखों से बताया, “मेरी पत्नी ऊपर फंसी हुई थी। हम चीखते रहे, लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया।” कई परिवारों को कंबलों में लपेटकर बाहर निकाला गया। फिलिपीन समुदाय के लोग, जो यहां नौकरानी और हाउसकीपर के रूप में काम करते हैं, भी प्रभावित हुए हैं।
बुधवार रात तक आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन गुरुवार सुबह भी इमारतों से काला धुआं निकलता दिखा। खिड़कियों में नारंगी चमक बाकी थी। हांगकांग की घनी आबादी वाली संरचना ने बचाव को और जटिल बना दिया – धुआं तेजी से फैला और ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 2017 के लंदन के ग्रेनफेल टावर अग्निकांड से मिलता-जुलता है, जहां खराब सामग्री ने तबाही मचाई थी।
क्या होगा आगे?
प्रशासन ने जांच टीम गठित की है, जो निर्माण मानकों, स्कैफोल्डिंग की सुरक्षा और अग्नि प्रतिरोधी सामग्रियों पर फोकस करेगी। हांगकांग की आबादी घनत्व दुनिया में सबसे ऊंचा है, इसलिए हाईराइज इमारतों में सुरक्षा पर नए नियम लाने की मांग तेज हो गई है। पीड़ितों के लिए अस्थायी आश्रय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
हांगकांग में भयानक आग: सात हाईराइज इमारतों में भस्म, 44 की मौत, 279 लापता; बचाव कार्य जारी
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