बिहार राजनीति में नया मोड़: राबड़ी देवी को छोड़ना पड़ेगा 10 सर्कुलर रोड का आइकॉनिक बंगला, मिला नया विशाल आवास

पटना : बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष की नेता राबड़ी देवी को 20 साल से अधिक समय से कब्जे वाले सरकारी बंगले नंबर 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का आदेश जारी हो गया है। बिहार भवन निर्माण विभाग (BCD) ने उन्हें नया आवास आवंटित किया है – हार्डिंग रोड पर नंबर 39 का भव्य बंगला, जो तीन एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और आमतौर पर मंत्रियों के लिए आरक्षित रहता है।

यह फैसला नितीश कुमार के नेतृत्व वाली नई NDA सरकार के पहले कैबिनेट बैठक के ठीक बाद आया, जो 2025 विधानसभा चुनावों में गठबंधन की शानदार जीत (202 में से 243 सीटें) के बाद लिया गया। विभाग के संयुक्त सचिव शिव रंजन द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि राबड़ी देवी को अब विपक्ष की नेता के पद के अनुरूप नया आवास मिलेगा। पुराना बंगला, जो लालू प्रसाद यादव परिवार का राजनीतिक केंद्र रहा है, अब सरकारी पूल में वापस चला जाएगा।

पुराना बंगला का इतिहास: 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला 2005 में सत्ता गंवाने के बाद लालू परिवार को आवंटित हुआ था। यहां RJD की महत्वपूर्ण बैठकें, रणनीति सत्र और मीडिया इंटरैक्शन होते रहे। 2019 के पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला देने पर रोक लगी, जिसके बावजूद राबड़ी को विपक्ष की नेता के रूप में यहां रहने की अनुमति मिली थी।

नया आवास: हार्डिंग रोड का 39 नंबर बंगला पाटना सेंट्रल ब्रिज के पास स्थित है। यह तीन एकड़ का विशाल परिसर है, जिसमें आधुनिक सुविधाएं हैं। विभाग ने इसे तत्काल कब्जे के लिए तैयार बताया है।

परिवार पर असर: इसी क्रम में राबड़ी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी 26 एम स्ट्रैंड रोड का बंगला खाली करने का आदेश मिला है, जो अब मंत्री लाखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित हो गया। यह कदम लालू परिवार की पटना में सरकारी संपत्तियों पर पकड़ कमजोर करने का संकेत देता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा, “NDA सरकार लालू प्रसाद को घर से निकाल सकती है, लेकिन बिहार की जनता के दिलों से कैसे निकालेंगी? यह लाखों के मसीहा का अपमान है।” RJD प्रवक्ता शक्ति यादव ने इसे “BJP का सियासी दबाव” बताते हुए कहा, “यह किस नियम के तहत हुआ? पूर्व CM और विपक्ष की नेता को ऐसा क्यों? सत्ता का दुरुपयोग साफ दिख रहा है।”

दूसरी ओर, BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने सफाई दी, “यह सरकारी नियमों के अनुरूप है। कोई संपत्ति का दुरुपयोग नहीं होगा। राबड़ी देवी को तत्काल खाली करना चाहिए।” JD(U) नेता विजय कुमार सिन्हा, जो भवन निर्माण मंत्री हैं, ने इसे “प्रशासनिक पुनर्गठन” करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम NDA की सत्ता मजबूती का प्रतीक है, खासकर IRCTC भ्रष्टाचार मामले में लालू-राबड़ी-तेजस्वी पर चल रहे मुकदमे के बीच।

लालू परिवार के करीबियों के अनुसार, राबड़ी देवी शांतिपूर्ण तरीके से नया बंगला लेंगी, लेकिन RJD आंदोलन की तैयारी में जुटी है। यह घटना बिहार की सियासत को और गर्माती नजर आ रही है, जहां चुनावी जीत के बाद सत्ता के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। क्या यह लालू परिवार के लिए नई चुनौती बनेगा? आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।