अयोध्या में रामभक्ति का नया अध्याय: पीएम मोदी ने फहराया भव्य ध्वज, रात्रि की पहली तस्वीरों ने जगाया राममय जादू!

अयोध्या : भगवान राम की नगरी अयोध्या में मंगलवार को एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण आया, जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवाह पंचमी के शुभ मुहूर्त में केसरिया ध्वज को लहराया, जो मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक बन गया। यह ध्वजारोहण उत्सव न सिर्फ सदियों पुरानी आस्था का चरमोत्कर्ष था, बल्कि पूरे विश्व में रामभक्ति की लहर पैदा कर गया।

रात ढलते ही मंदिर परिसर में लगी भव्य रोशनी के बीच ध्वज की पहली तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने करोड़ों भक्तों के रोम-रोम में राम का जादू भर दिया। सोने के शिखर पर लहराता 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा केसरिया ध्वज, जिसमें सूर्य का प्रतीक (राम की वीरता का प्रतीक), ‘ओम’ चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति उकेरी गई है, अयोध्या की आकाशसीमा को और भी दिव्य बना रहा है। यह ध्वज गुजरात के अहमदाबाद के एक पैराशूट विशेषज्ञ द्वारा तैयार किया गया, जो 2-3 किलोग्राम वजनी है और 191 फुट ऊंचाई पर फहराया गया।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
पीएम मोदी का आगमन और पूजा: सुबह अयोध्या पहुंचे पीएम ने सप्त मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन किए। उसके बाद भव्य रोड शो के साथ राम मंदिर पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ विशेष आरती की।

ध्वजारोहण का पवित्र क्षण: अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 12 बजे) में शंखनाद, मंगल गान और घंटियों की ध्वनि के बीच ध्वज फहराया गया। पीएम ने कहा, “यह क्षण सदियों के घावों को भर रहा है। राम राज्य के आदर्श – धर्म, सम्मान, सत्य और न्याय – अब फिर से जीवंत हो रहे हैं।”

भागवत का संदेश: RSS प्रमुख ने कहा, “यह ध्वज राम राज्य का प्रतीक है, जो शांति और समृद्धि का संदेश देता है। हिंदू समाज ने 500 वर्षों की तपस्या से यह सिद्ध किया कि सत्य की हमेशा जीत होती है।”

भक्तों का समुद्र: हजारों श्रद्धालु परिसर में उमड़े, जबकि दुनिया भर से लाइव प्रसारण देखकर करोड़ों ने जय सियाराम का जाप किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भावुक होकर कहा, “आज अयोध्या में भारत की सांस्कृतिक चेतना का एक और शिखर दिख रहा है। यह ध्वज दूर से रामलला के जन्मभूमि की झलक देता है और आने वाली पीढ़ियों को राम का संदेश पहुंचाएगा।” उन्होंने सभी कारीगरों, मजदूरों और दानदाताओं को धन्यवाद दिया, जो इस भव्य निर्माण में योगदान दिए।

रात्रि की तस्वीरों का जादू
रात के अंधेरे में मंदिर का परिसर दीपों और लाइटिंग से जगमगा उठा। ध्वज की पहली रात्रि तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जहां भक्त लिख रहे हैं – “राम का ध्वज लहराया, तो दिल में राम बस गया!” एक भक्त ने कहा, “यह तस्वीर देखकर आंखें नम हो गईं।

रामभक्ति का यह जादू अमर हो गया।”
यह ध्वजारोहण राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा (जनवरी 2024) के 22 महीने बाद आया, जो अयोध्या को वैश्विक तीर्थस्थल के रूप में और मजबूत करेगा। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।