नई दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज देश के लाखों छोटे-मध्यम व्यापारियों और उद्यमियों को नई ताकत देने वाला ऐलान किया। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से अपील की है कि हर जिले में कम से कम एक बार ‘स्वदेशी मेला’ जरूर आयोजित किया जाए।
गोयल ने कहा, आज जब पूरा देश आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल की बात कर रहा है, तो हमें अपने व्यापारियों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने का मौका देना होगा। स्वदेशी मेला ऐसा ही प्लेटफॉर्म बनेगा जहां स्थानीय कारीगर, हथकरघा बुनकर, खादी उत्पादक, महिला स्वयं सहायता समूह और छोटे उद्यमी बिना किसी बिचौलिए के अपना माल बेच सकेंगे।”
मुख्य बातें जो मंत्री जी ने बताईं:
हर जिले में साल में कम से कम एक बार 3-7 दिन का स्वदेशी मेला लगेगा
कोई स्टॉल किराया नहीं, बिजली-पानी मुफ्त
केंद्र सरकार 50% तक खर्चा वहन करेगी
डिजिटल पेमेंट और QR कोड को बढ़ावा, साथ ही ONDC से जोड़ा जाएगा
खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, मोटे अनाज और GI टैग उत्पादों को विशेष जगह
मेले में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) को अलग से प्रदर्शित किया जाएगा
गोयल ने गुजरात के ‘वाइब्रेंट विलेज मेले’ और राजस्थान के ‘शिल्पग्राम हाट’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ व्यापार बढ़ाते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी जीवंत रखते हैं।
व्यापारियों ने किया स्वागत
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने इसे “छोटे व्यापारियों के लिए दिवाली से बड़ा तोहफा” बताया। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और बड़े मॉल्स के दबाव के बीच यह मेला छोटे दुकानदारों को फिर से मुख्यधारा में लाएगा।
पहला पायलट स्वदेशी मेला दिसंबर 2025 में वाराणसी, जयपुर, अहमदाबाद और इंदौर में एक साथ शुरू होगा। उसके बाद जनवरी 2026 से पूरे देश में रोलआउट होगा।
पीयूष गोयल का संदेश साफ है – जब आप स्वदेशी खरीदते हैं, तो किसी भारतीय भाई-बहन के घर में दीया जलता है। आइए, इस क्रिसमस-नए साल हम विदेशी सामान की जगह स्वदेशी सामान खरीदें और अपने व्यापारी को मजबूत करें।” स्वदेशी मेला सिर्फ एक मेला नहीं, आत्मनिर्भर भारत का नया अध्याय बनने जा रहा है!