अयोध्या : विवाह पंचमी के अवसर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें केदारेश्वर महादेव मंदिर से अयोध्या दर्शन को लेकर बड़ा संकेत दिया। पीएम मोदी द्वारा भगवा ध्वज फहराने के ठीक बाद अखिलेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, “केदारनाथ की यात्रा से अयोध्या के दर्शन तक, भगवान राम और शिव का संदेश साफ है – सबका साथ, सबका विकास।
राजनीति से ऊपर आस्था है, लेकिन सत्ता का दुरुपयोग आस्था को कलंकित न करे। जय सियाराम! जय भोलेनाथ!” इस पोस्ट में अखिलेश ने इशारों में BJP पर निशाना साधा, जो राम मंदिर को चुनावी हथियार बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और विपक्षी दलों ने इसे ‘एकता का संदेश’ बताते हुए सराहा।
अखिलेश का पोस्ट: आस्था और राजनीति का मिश्रण
अखिलेश यादव ने सुबह 12:30 बजे X (पूर्व ट्विटर) पर यह पोस्ट शेयर किया, जो ध्वजारोहण के तुरंत बाद आया। पोस्ट में केदारनाथ धाम की एक तस्वीर संलग्न थी, जहां वे हाल ही में दर्शन के लिए गए थे।
उन्होंने लिखा: आज राम मंदिर के ध्वजारोहण का पावन अवसर है। केदारेश्वर महादेव के दर्शन से अयोध्या की ओर नजरें हैं। भगवान राम का संदेश है – सबके लिए न्याय, सबके लिए रामराज्य। लेकिन क्या यह विकास सबका है, या सिर्फ सत्ता का खेल?
यह पोस्ट 1 लाख से अधिक लाइक्स और हजारों रीट्वीट्स बटोर चुका है। अखिलेश ने इसमें सीधे BJP का नाम नहीं लिया, लेकिन ‘सत्ता का दुरुपयोग’ और ‘विकास सबका?’ जैसे शब्दों से इशारा साफ था। समाजवादी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, यह पोस्ट आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया, जहां अयोध्या को विकास का केंद्र बताने वाली BJP को घेरने का प्रयास है।
केदारनाथ कनेक्शन: अखिलेश ने नवंबर की शुरुआत में केदारनाथ धाम का दर्शन किया था, जहां उन्होंने CM योगी आदित्यनाथ को चिठ्ठी लिखकर राज्य सरकार की योजनाओं की सराहना की थी। अब इस पोस्ट में केदारनाथ का जिक्र अयोध्या से जोड़कर ‘हिंदू एकता’ का संदेश देना था, जो BJP के ‘राम मंदिर कार्ड’ का काउंटर है।
इशारों में निशाना: पोस्ट में ‘सबका विकास’ का जिक्र PM मोदी के नारे का आईना है, लेकिन सवालिया निशान से BJP पर विकास के दावों पर सवाल उठाया। विपक्ष का कहना है कि अयोध्या में मंदिर तो बना, लेकिन आसपास के गरीबों को रोजगार या बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: BJP प्रवक्ता ने इसे ‘वोटबैंक की राजनीति’ बताया, जबकि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने रीट्वीट कर कहा, “आस्था सबकी, राजनीति कुछ लोगों की। अखिलेश जी का संदेश सही है।” SP कार्यकर्ताओं ने इसे ‘सामाजिक सद्भाव’ का प्रतीक माना।