भाजपा नेता ने शराब के नशे में छोटे भाई का गला काटा: 4 दिन से बना रहा था मर्डर का प्लान

राजस्थान : राजस्थान के सीकर जिले में एक भाजपा नेता ने घरेलू झगड़े के दौरान अपने छोटे भाई की चाकू से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वह पिछले 4 दिनों से इस मर्डर का प्लान बना रहा था। शराब के नशे में धुत आरोपी मुकेश कुमार (30) ने भाई से विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और जांच में संपत्ति विवाद व पुरानी रंजिश सामने आ रही है। भाजपा ने घटना की निंदा की है, जबकि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

घटना का पूरा विवरण: कैसे हुआ खौफनाक कत्ल?
घटना सीकर जिले के दांतलावास गांव में रविवार रात (24 नवंबर) करीब 11 बजे हुई। आरोपी मुकेश कुमार, जो भाजपा के सहकारिता आंदोलन सदस्यता अभियान से जुड़े हैं, ने अपने छोटे भाई राकेश (25) के साथ पहले शराब पी। छोटी-मोटी बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर मुकेश ने रसोई से चाकू निकाला और राकेश का गला रेत दिया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे, लेकिन तब तक राकेश की सांसें थम चुकी थीं।

प्लानिंग का खुलासा: पूछताछ में मुकेश ने बताया कि 4 दिनों से वह भाई से संपत्ति बंटवारे को लेकर नाराज था। “वह मेरी जायदाद पर कब्जा करना चाहता था,” आरोपी ने कबूला। पुलिस को मौके से खून से सना चाकू और शराब की बोतलें बरामद हुईं।

परिवार का दर्द: मां-पिता ने बेटे की हत्या पर सदमे में आंसू बहाए। राकेश शादीशुदा था और गांव में किसानी करता था। परिवार ने आरोपी भाई को घर से निकालने की बात कही थी, जो विवाद का कारण बनी।

पुलिस कार्रवाई: सीकर एसपी डॉ. हिमांशु गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया। आरोपी को हिरासत में लेकर रिमांड पर लिया गया। फॉरेंसिक टीम ने सैंपल कलेक्ट किए।

घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया, और पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात की। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा, “यह व्यक्तिगत मामला है, पार्टी की छवि पर असर नहीं। आरोपी को सख्त सजा मिलेगी।”

संपत्ति विवाद से बढ़ी रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि भाइयों के बीच 2 एकड़ जमीन का बंटवारा मुद्दा था। मुकेश, जो गांव में सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता है, ने भाई पर आरोप लगाया कि राकेश पिता की वसीयत बदलवाना चाहता था। 4 दिनों पहले एक फैमिली मीटिंग में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मुकेश ने प्लानिंग शुरू की। शराब का नशा ट्रिगर बना।

स्थानीय थाने में पहले भी शिकायत दर्ज हुई थी, लेकिन मामला सुलझा नहीं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे “भाजपा की आंतरिक कलह” बताते हुए जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि शराब और संपत्ति के लालच ने भाई को भाई का दुश्मन बना दिया।