सावधान! H5N5 बर्ड फ्लू से दुनिया में पहली इंसानी मौत, क्या कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक? जानें सच्चाई और बचाव के उपाय

वाशिंगटन : अमेरिका के वाशिंगटन राज्य में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत H5N5 स्ट्रेन के बर्ड फ्लू से हो गई है, जो दुनिया में इंसानों में इस दुर्लभ वायरस का पहला दर्ज मामला और मौत है। वाशिंगटन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ (DOH) ने 22 नवंबर को घोषणा की कि यह मरीज नवंबर की शुरुआत से अस्पताल में भर्ती था और अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे हृदय रोग या डायबिटीज) के कारण वायरस ने जानलेवा रूप ले लिया। यह घटना बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे की चेतावनी दे रही है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जोखिम अभी कम है। सवाल उठ रहा है – क्या यह कोरोना से भी ज्यादा घातक साबित होगा? आइए जानते हैं विस्तार से।

H5N5 बर्ड फ्लू: क्या है यह वायरस और कैसे फैला?
H5N5 एवियन इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक सबटाइप है, जो मुख्य रूप से पक्षियों (जंगली और घरेलू) में फैलता है। यह H5N1 से अलग है, जो 2024-25 में अमेरिका में 70 से अधिक इंसानी मामलों का कारण बना। H5N5 पहले कनाडा के पूर्वी तट पर तटीय पक्षियों और गल्स में पाया गया था, लेकिन इंसानों में पहली बार सामने आया। मृतक व्यक्ति के बैकयार्ड में मिश्रित घरेलू पक्षियों का झुंड था, जहां DOH की जांच में वायरस के निशान मिले। संभावना है कि वाइल्ड बर्ड्स के संपर्क से यह फैला।

लक्षण: शुरुआत में हल्का बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन या गले में दर्द। गंभीर मामलों में निमोनिया या श्वसन विफलता।

ट्रांसमिशन: इंसान से इंसान में फैलाव का कोई सबूत नहीं। जोखिम मुख्य रूप से पक्षियों के संपर्क में आने वालों (फार्म वर्कर्स, बैकयार्ड चिकन रखने वाले) के लिए।

वैश्विक संदर्भ: WHO के अनुसार, 2003 से बर्ड फ्लू के सभी स्ट्रेन से 1,000 से अधिक इंसानी मामले, लेकिन H5N5 का यह पहला केस। अमेरिका में 2024-25 में कुल 71 ह्यूमन केस (ज्यादातर H5N1), जिसमें लुइसियाना में एक मौत पहले हो चुकी।

कोरोना से ज्यादा खतरनाक?
H5N5 का खतरा H5N1 जितना ही है, लेकिन कोरोना (COVID-19) से तुलना करें तो फैलाव कम लेकिन घातकता ज्यादा। H5N1 का CFR (केस फेटेलिटी रेट) 50% से ऊपर रहा है, जबकि COVID-19 का वैश्विक CFR 0.1% से कम। हालांकि, H5N5 अभी स्पोरैडिक (छिटपुट) मामलों तक सीमित है, न कि महामारी स्तर पर।

रिचर्ड वेबी (स्ट. जूड चिल्ड्रन रिसर्च हॉस्पिटल): “यह मौत घबराने की नहीं, बल्कि निगरानी बढ़ाने की चेतावनी है। H5N5 H5N1 से ज्यादा खतरनाक नहीं, लेकिन वायरस म्यूटेट हो सकता है।” अगर इंसान-इंसान ट्रांसमिशन हो गया, तो COVID से 100 गुना घातक हो सकता है।

WHO और CDC: सार्वजनिक जोखिम “कम”। H5N1 ने गायों और सूअरों में फैलाव दिखाया, लेकिन H5N5 अभी पक्षियों तक सीमित।
बचाव के उपाय: सावधानी बरतें, घबराएं नहीं

उच्च जोखिम वाले: पोल्ट्री फार्मर्स, डेयरी वर्कर्स या बैकयार्ड बर्ड्स रखने वाले PPE (मास्क, ग्लव्स, गॉगल्स) पहनें। मृत/बीमार पक्षियों को न छुएं।

सभी के लिए: सालाना फ्लू वैक्सीन लें – यह बर्ड फ्लू न रोके, लेकिन डबल इन्फेक्शन से बचाए। अच्छे हाथ धोएं, कच्चे दूध/अंडे से दूर रहें।

मॉनिटरिंग: CDC और WHO पक्षियों की निगरानी कर रहे। भारत में भी ICAR और ICMR अलर्ट पर हैं, क्योंकि प्रवासी पक्षी खतरा ला सकते हैं।

सलाह: लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें। दूध/अंडे उबालकर खाएं।

यह घटना बर्ड फ्लू की निगरानी की जरूरत बताती है, लेकिन पैनिक की नहीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्दी कार्रवाई से बड़ा खतरा टाला जा सकता है। अपडेट्स के लिए CDC या WHO वेबसाइट चेक करें।