अयोध्या फूलों से सज़ा: राम मंदिर ध्वजारोहण के लिए सजी रामनगरी, PM मोदी के स्वागत में 100 टन फूलों और रोशनी का जादू

अयोध्या : अयोध्या धाम आज (25 नवंबर 2025) एक दिव्य स्वरूप में नजर आ रही है, जहां राम विवाह पंचमी के पावन अवसर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज फहराए जाने के लिए पूरी रामनगरी फूलों, रोशनी और आध्यात्मिक सजावट से सजी हुई है।

लगभग 100 टन फूलों का उपयोग कर मंदिर परिसर और शहर को सजाया गया है, जिसमें गेंदे के फूलों की प्रमुखता है, जो भगवान गणेश और राम के प्रिय हैं। रंग-बिरंगी लाइट्स, रंगोली, आर्ट इंस्टॉलेशन और लेजर शो ने अयोध्या को एक स्वप्निल नगरी बना दिया है, जो सदियों पुराने राम राज का प्रतीक बन चुकी है। यह समारोह मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक है, जिसमें 6,000 से अधिक आमंत्रित अतिथि, संत, इंजीनियर और स्वयंसेवक शामिल होंगे।

सजावट की भव्यता: फूलों और रोशनी का संगम अयोध्या की सजावट में पारंपरिक और आधुनिक तत्वों का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है:

फूलों की वर्षा: मंदिर परिसर में 100 टन से अधिक फूलों का उपयोग किया गया है। गेंदे, चमेली और गुलाब की मालाओं से सजे मुख्य द्वार, शिखर और सात मंदिर (महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र आदि)। साफ-सफाई अभियान के तहत हर कोना चमक रहा है।

रोशनी का जादू: शहर भर में रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स, लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग लगाई गई हैं। राम पथ, सरयू घाट और हनुमानगढ़ी जैसे स्थानों पर विशेष इंस्टॉलेशन हैं, जो रामायण की कथाओं को जीवंत करते हैं।

परंपरागत सज्जा: रंगोली, तोरण द्वार और भगवा झंडियों से सजी सड़कें। 5,000 महिला स्वयंसेविकाएं पूजा थाली और फूलों से पीएम का स्वागत करेंगी।

कुंभ जैसा उत्सव: 20 नवंबर से शुरू कलश यात्रा (551 कलशों सहित) ने उत्साह दोगुना कर दिया। भजन-कीर्तन और रामधुन हर चौराहे पर गूंज रहे हैं।

यह सजावट न केवल धार्मिक है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने वाली भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अयोध्या अब वैदिक दर्शन से प्रेरित स्मार्ट सिटी बन रही है, जहां सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का संगम हो रहा है।”

भगवा ध्वज का विशेष डिजाइन: 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा त्रिकोणाकार ध्वज, जो 11 किलोग्राम वजनी है। अहमदाबाद के कारीगरों द्वारा पैराशूट नायलॉन और रेशम से तैयार, यह 200 किमी/घंटा हवा का सामना कर सकता है। ध्वज पर सूर्य (राम की तेजस्विता का प्रतीक), ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष (त्याग का प्रतीक) अंकित हैं। यह सूर्यवंश का प्रतिनिधित्व करता है।

अभिजीत मुहूर्त: 11:52 से 12:35 बजे के बीच पीएम मोदी बटन दबाकर ध्वज को 10 सेकंड में शिखर पर फहराएंगे। 108 आचार्य (अयोध्या, काशी और दक्षिण भारत से) गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में अनुष्ठान करेंगे।

मंदिर परिसर: 2.7 एकड़ में 14 सहायक मंदिर (महादेव, गणेश, हनुमान आदि) सजे हुए। शिखर 161 फीट ऊंचा है।

पीएम मोदी का विस्तृत शेड्यूल
पीएम सुबह 10 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। उनका पूरा कार्यक्रम:

  • 10:00 बजे: सप्तमंदिर में दर्शन।
  • 10:30 बजे: शेषावतार मंदिर में पूजा।
  • 11:00 बजे: माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन।
  • 11:30 बजे: राम दरबार और राम लला गर्भगृह में पूजा-दर्शन।
  • 12:00 बजे: ध्वजारोहण और संबोधन।
  • उसके बाद: निर्माणकर्ताओं से मुलाकात।

सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था

सुरक्षा कवच: 7-स्तरीय सुरक्षा, जिसमें एसपीजी, एनएसजी और 1,000 पुलिसकर्मी शामिल। शहर को प्रतिबंधित जोन में बांटा गया, ड्रोन प्रतिबंधित।
दर्शन समय: 25 नवंबर को सुबह से दोपहर 2:30 बजे तक बंद (केवल आमंत्रितों के लिए)। उसके बाद सामान्य दर्शन शुरू। भारी भीड़ के कारण ऑनलाइन पास अनिवार्य।