दिल्ली-मुंबई पर छाया राख का बादल: ज्वालामुखी विस्फोट से भारत के हवाई मार्गों पर बड़ा संकट, फ्लाइट्स कैंसल, DGCA अलर्ट

नई दिल्ली : इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित हायली गूबी ज्वालामुखी, जो करीब 10,000 से 12,000 सालों से सुप्त पड़ा था, 23 नवंबर 2025 को अचानक फट पड़ा। इस विस्फोट ने 10-15 किलोमीटर ऊंचाई तक राख, सल्फर डाइऑक्साइड और चट्टानों के छोटे कणों का विशालकाय बादल उगल दिया, जो रेड सी पार कर यमन और ओमान की ओर बढ़ा।

अब यह राख का साया भारत के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों पर मंडरा रहा है, खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के ऊपर। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बादल 100-120 किमी/घंटा की रफ्तार से गुजरात से राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब की ओर बढ़ रहा है। दिल्ली में रात 11 बजे के आसपास यह पहुंच चुका है, जबकि मुंबई और पश्चिमी भारत में मंगलवार सुबह तक असर दिखेगा।

ज्वालामुखी विस्फोट का बैकग्राउंड : हायली गूबी इथियोपिया के डेनाकिल रेगिस्तान में एरता एले रेंज का हिस्सा है। स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के ग्लोबल वोल्कैनिज्म प्रोग्राम के मुताबिक, इसका कोई पुराना विस्फोट रिकॉर्ड नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि विस्फोट के साथ हल्के भूकंप भी महसूस हुए, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं।

विस्फोट की तीव्रता: सैटेलाइट इमेजेस से पता चला कि राख का बादल पश्चिम की ओर फैल रहा है। टूलूज वोल्कैनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर ने 14 किमी ऊंचाई तक राख की पुष्टि की। विस्फोट अब रुक चुका है, लेकिन ऊपरी वायुमंडल में फैला बादल हफ्तों तक रह सकता है।

वैश्विक असर: मिडिल ईस्ट में पहले से ही उड़ानें प्रभावित हुईं। अब यह भारत की ओर बढ़ रहा है, जो लंबी दूरी की फ्लाइट्स के लिए खतरा है।

भारत पर राख बादल का खतरा: कितना बड़ा?
यह खतरा मुख्य रूप से हवाई यात्रा को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि राख के कण इंजन में चिपककर विमान को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सतह पर असर सीमित है, लेकिन दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में हल्का धुंधला आकाश और तापमान में मामूली वृद्धि देखी जा सकती है।

उड़ानें: DGCA ने सभी एयरलाइंस को सलाह दी है कि राख प्रभावित क्षेत्रों और ऊंचाइयों से बचें। फ्लाइट प्लानिंग, रूटिंग और ईंधन की गणना में बदलाव करें। राख से टकराव पर तुरंत रिपोर्ट करें।

वायु गुणवत्ता: बादल 10-15 किमी ऊपर है, इसलिए दिल्ली के AQI पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, पहले से ‘गंभीर’ स्तर पर प्रदूषण वाले इलाकों में हल्का इजाफा संभव।

कैंसल फ्लाइट्स:
अकासा एयर: जेदाह, कुवैत और अबू धाबी के लिए 24-25 नवंबर की उड़ानें रद्द।
इंडिगो: कन्नूर-अबू धाबी फ्लाइट अहमदाबाद डायवर्ट; मुंबई और दक्षिण भारत से 6 उड़ानें प्रभावित।
KLM: एम्स्टर्डम-दिल्ली (KL 871) और रिटर्न फ्लाइट रद्द।
कोच्चि से दो इंटरनेशनल उड़ानें (इंडिगो कोच्चि-दुबई, अकासा कोच्चि-जेदाह) रद्द।

एयर इंडिया: फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं, लेकिन मॉनिटरिंग जारी। अंतरराष्ट्रीय कैरियर्स पाकिस्तानी एयरस्पेस से रूट बदल रही हैं।
सामान्य सलाह: यात्रियों को एयरपोर्ट अपडेट चेक करने की सिफारिश। DGCA ने ऑपरेशनल मैनुअल्स रिव्यू करने को कहा।