यूपी : उत्तर प्रदेश के बरेली में बुलडोजर की कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने रविवार को लगातार दूसरे दिन मौलाना तौकीर रजा के करीबी माने जाने वाले मोहम्मद आरिफ की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया। पीलीभीत बाईपास रोड पर स्थित आरिफ के तीन मंजिला गारमेंट और इंटीरियर डेकोरेशन शोरूम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई 26 सितंबर को हुए दंगे के साजिशकर्ता तौकीर रजा के करीबियों पर प्रशासन के शिकंजे का हिस्सा है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
क्या है पूरा मामला? अवैध निर्माणों पर दो दिनों की धरपकड़
पुलिस और BDA के अनुसार, मोहम्मद आरिफ ने बिना नक्शा स्वीकृति के जगतपुर और पीलीभीत बाईपास रोड पर करोड़ों की संपत्तियां खड़ी की थीं। इनमें दो मंजिला मार्केट जिम, होम डेकोर शोरूम और पीटर इंग्लैंड जैसे ब्रांड का आउटलेट शामिल थे। BDA ने 11 अक्टूबर को इन संपत्तियों को सील किया था, लेकिन नोटिस की समयसीमा खत्म होने के बाद शनिवार को तोड़फोड़ शुरू हुई।
शनिवार की कार्रवाई: सुबह 11 बजे BDA टीम दो बुलडोजर और पोकलेन मशीनों के साथ पहुंची। एसडीएम राम जनम यादव, एडीएम सिटी और सीओ के नेतृत्व में शोरूम खाली कराया गया। दोपहर 12:15 बजे तोड़फोड़ तेज हुई, लेकिन शाम 6 बजे तक केवल आधा हिस्सा ध्वस्त हो सका। सुरक्षा कारणों से बिजली के खंभे हटाने पड़े, जिससे काम रुका।
रविवार की कार्रवाई: रविवार सुबह बिजली मरम्मत के बाद 6 बुलडोजर फिर सक्रिय हो गए। आठ घंटे की मेहनत से तीन मंजिला शोरूम पूरी तरह जमींदोज हो गया। जगतपुर में दो मंजिला मार्केट की 15-16 दुकानें भी रौंद दी गईं, जहां आरिफ ने 30-30 लाख रुपये में दुकानें बेची और किराया वसूला। कुल 48 घंटों में संपत्तियों का ‘रसूख का किला’ ध्वस्त हो गया।
BDA उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने कहा, “ये निर्माण बिना अनुमति के थे। दंगे के बाद अवैध कब्जों पर सख्ती बढ़ाई गई है। अन्य संपत्तियों जैसे फहम लान, फ्लोरा गार्डन और स्काई लार्क होटल पर भी नजर है।”
दंगे का कनेक्शन: तौकीर रजा के करीबियों पर लगातार निशाना
यह कार्रवाई 26 सितंबर को बरेली में हुए हिंसक दंगे से जुड़ी है, जहां मौलाना तौकीर रजा पर भड़काने का आरोप है। वे फतेहगढ़ जेल में बंद हैं। दंगे के बाद प्रशासन ने तौकीर के करीबियों पर शिकंजा कसा—आरिफ ने दंगे के बाद फायर इंकलेव कॉलोनी में तौकीर को शरण दी थी, जिसके चलते कॉलोनी सील हुई। अब BDA की यह कार्रवाई भू-माफियाओं को चेतावनी है।
स्थानीय लोगों ने कहा, “आरिफ ने अवैध दुकानों से करोड़ों कमाए, अब न्याय हुआ।” कार्रवाई के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में पीएसी और पुलिस ने हालात संभाले। इलाके में डर का माहौल है, लेकिन ग्रामीणों ने इसे सकारात्मक बताया।