यूपी के लोगों को बिजली बिल पर बड़ी राहत: छठे साल बरकरार रही दरें, कोई बढ़ोतरी नहीं

यूपी : उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी न करने का ऐलान किया है। यह छठा लगातार साल है जब राज्य में बिजली बिल की कीमतें वही रहेंगी, जो उपभोक्ताओं को भारी राहत देगा। आयोग ने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के पास 18,592 करोड़ रुपये का सरप्लस होने से यह फैसला संभव हुआ है।

UPERC ने शुक्रवार को पांच राज्य वितरण कंपनियों (DISCOMs) के लिए टैरिफ ऑर्डर जारी किया, जो नए UPERC (मल्टी ईयर टैरिफ फॉर डिस्ट्रीब्यूशन) रेगुलेशंस, 2025 के तहत है। सभी उपभोक्ता श्रेणियों—घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक—के लिए रिटेल बिजली दरें अपरिवर्तित रखी गई हैं। आयोग के चेयरमैन अरविंद कुमार और मेंबर संजय सिंह ने संयुक्त रूप से ऑर्डर जारी किया।

सरप्लस का फायदा: 1 अप्रैल 2025 तक UPPCL के पास 18,592.38 करोड़ रुपये का संचित नियामक सरप्लस है, जो टैरिफ बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं छोड़ता।

औसत दरें: आपूर्ति की औसत लागत 8.18 रुपये प्रति यूनिट, जबकि बिलिंग रेट 7.61 रुपये प्रति यूनिट रहेगा। लॉस कम करने का लक्ष्य: वितरण हानि को 2024-25 के 13.78% से घटाकर 2029-30 तक 10.74% करने का ट्रैजेक्टरी तय।

यह फैसला FY 2023-24 का ट्रू-अप, FY 2024-25 का एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू और FY 2025-26 का एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (ARR) फाइनलाइज करने के बाद लिया गया। स्टेकहोल्डर्स, जनता और स्टेट एडवाइजरी कमिटी की फीडबैक के बाद ARR को 1,10,993.33 करोड़ रुपये मंजूर किया गया, जो डिस्कॉम्स के अनुमान से कम है।

  • बिलिंग में पारदर्शिता: kVAh बिलिंग वाले उपभोक्ताओं के बिल पर पावर फैक्टर दिखाना अनिवार्य।
  • क्रॉस सब्सिडी में छूट: ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं के लिए कुछ श्रेणियों में सरचार्ज कम।
  • TDS सर्टिफिकेट: सिक्योरिटी डिपॉजिट पर काटे गए टैक्स का सर्टिफिकेट जारी करना जरूरी।
  • टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ: श्रेणियां और समय अवधि वही रहेंगी।
  • मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स: सिंगल-पॉइंट कनेक्शन पर अनियमित बिलिंग और पारदर्शिता की कमी के मुद्दों पर कंसल्टेशन पेपर जारी होगा।

ग्रेटर नोएडा में नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के उपभोक्ताओं को भी 10% रेगुलेटरी डिस्काउंट मिलता रहेगा।
डिफॉल्टर्स के लिए राहत स्कीम: 1.45 करोड़ को फायदा

इसके अलावा, UPPCL ने ‘इलेक्ट्रिसिटी बिल रिलीफ स्कीम 2025’ लॉन्च की है, जो 1.45 करोड़ डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत देगी। कुल बकाया 1.15 लाख करोड़ रुपये है।

स्कीम तीन चरणों में रजिस्ट्रेशन—दिसंबर 2025, जनवरी 2026 और फरवरी 2026—के साथ LMV-1 (घरेलू, 2 kW तक) और LMV-2 (व्यावसायिक, 1 kW तक) श्रेणियों के लिए है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने इसे ‘समावेशी ऊर्जा गवर्नेंस’ का कदम बताया।