सीएम योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों का लिया जायजा, 15 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज पहुंचकर माघ मेला 2026 की तैयारियों का सख्ती से जायजा लिया। संगम नोज पर पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने सेक्टर-1, 2 और 3 का निरीक्षण किया, जहां लाखों श्रद्धालुओं के ठहरने और स्नान की व्यवस्थाएं तेजी से तैयार हो रही हैं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सुविधाएं समय पर पूरी हों, ताकि आने वाले महाकुंभ के लिए यह एक सफल रिहर्सल साबित हो। मेला प्रशासन का अनुमान है कि इस बार 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए संगम पहुंचेंगे, जो पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा।

सुबह पहुंचे सीएम योगी ने सबसे पहले संगम पर गंगा-यमुना की पूजा की। उसके बाद वे मेला क्षेत्र के साइट पर पहुंचे, जहां उन्होंने सड़कों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली-पानी और तंबुओं की व्यवस्था का मुआयना किया। किले घाट और दशाश्वमेध घाट के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। सीएम ने कहा, “माघ मेला महाकुंभ का रिहर्सल है। सभी विभाग नोड्यूल ऑफिसर की तरह काम करें। साफ-सफाई, स्वास्थ्य और यातायात पर विशेष ध्यान दें।” उन्होंने स्थानीय कलाकारों के हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि उनकी आजीविका मजबूत हो।

अपर मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद ने बताया कि सभी सेक्टरों में लेबलिंग का काम चल रहा है। पीडब्ल्यूडी, जल निगम और बिजली विभाग की टीमें रात-दिन कार्यरत हैं। पहला शाही स्नान 3 जनवरी को निर्धारित है, और सभी तैयारियां उससे पहले पूरी हो जाएंगी। हालांकि, गंगा-यमुना में रुकी हुई जलभराव ने कुछ चुनौतियां पैदा की हैं, लेकिन इंजीनियरिंग टीम इसे दूर करने में जुटी है।

15 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान: स्केल-अप हो रही व्यवस्थाएं
महाकुंभ 2025 के बाद माघ मेला में भारी भीड़ की उम्मीद है। मेला प्राधिकरण के अनुसार, जनवरी-फरवरी में 45 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 15 करोड़ से ज्यादा भक्त स्नान करेंगे। इसके लिए 1.8 लाख तंबुओं की क्षमता बढ़ाई जा रही है। सीएम ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में बैठक भी की, जहां ड्रोन सिक्योरिटी, डिजिटल कुम्भ और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर चर्चा हुई। उन्होंने 20 एडवांस्ड ड्रोनों की तैनाती का आदेश दिया, जो 24×7 निगरानी करेंगे।

रामबाग हनुमान मंदिर का भी दौरा करने वाले योगी ने श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने कहा, “प्रयागराज विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बनेगा। पर्यटकों को सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।” महाकुंभ के लिए सड़कें चौड़ी की जा रही हैं, पोंटून ब्रिज बनाए जा रहे हैं, और बायो-सीएनजी प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स शुरू हो चुके हैं।
चुनौतियां और सुरक्षा पर जोर

पिछले मेले में 80,000 तंबुओं की क्षमता थी, लेकिन अब इसे दोगुना से ज्यादा किया जा रहा है। स्थिर जल की समस्या से मेला क्षेत्र की लेआउट प्लानिंग प्रभावित हुई, लेकिन विशेषज्ञ टीम इसे सुलझा रही है। सीएम ने साफ कहा, “कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं। स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस और फायर सर्विसेज तैयार रखें।” पुलिस ने भी भारी फोर्स तैनात की है, और ट्रैफिक रूट्स का रिव्यू किया गया।

यह दौरा महाकुंभ 2025 की तैयारियों को गति देगा, जहां पीएम मोदी 13 दिसंबर को कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। माघ मेला न सिर्फ धार्मिक आयोजन है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक भी बनेगा—राज्यों के लोक नृत्यों की प्रदर्शनियां होंगी।
श्रद्धालुओं के लिए एक और पर्व का आगमन। संगम की लहरें पुण्य की कामना कर रही हैं।