नई दिल्ली : आज से भारत की नौकरी की दुनिया में एक बड़ा धमाका हो गया है। केंद्र सरकार ने चार नए श्रम संहिताओं को लागू कर दिया, जो 29 पुराने कानूनों को खत्म कर एक नया दौर शुरू कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘ऐतिहासिक कदम’ बताते हुए कहा कि इससे 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी और सुरक्षित कामकाजी माहौल मिलेगा।
लेकिन कंपनियों को भी लचीलापन मिला है—लेऑफ की सीमा बढ़ी, महिलाओं को रात में काम की छूट। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट कर कहा, “यह सुधार नौकरियों को बढ़ावा देगा और उत्पादकता को नई ऊंचाई देगा।” आइए जानें इन संहिताओं की 10 सबसे बड़ी बातें, जो हर कर्मचारी और नियोक्ता के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी।
- न्यूनतम मजदूरी की गारंटी हर श्रमिक के लिए
अब हर सेक्टर—चाहे फैक्ट्री हो या गिग इकॉनमी—में न्यूनतम वेतन तय होगा। सभी कर्मचारियों को समय पर और पूर्ण मजदूरी मिलेगी। महीने में 24,000 रुपये तक कमाने वालों के लिए यह अनिवार्य है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी लाभ। - ओवरटाइम पर डबल पैसा—सहमति जरूरी
सामान्य 8 घंटे/दिन या 48 घंटे/सप्ताह से ज्यादा काम पर डबल वेतन मिलेगा। लेकिन ओवरटाइम कर्मचारी की लिखित सहमति से ही होगा। फैक्ट्री शिफ्ट्स 12 घंटे तक बढ़ सकती हैं, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान अनिवार्य। - सामाजिक सुरक्षा का विस्तार—40 करोड़ श्रमिक कवर
सोशल सिक्योरिटी कोड से गिग वर्कर्स, माइग्रेंट और कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना कवर मिलेगा। ईएसआईसी का दायरा बढ़ा, अब 64% श्रमिक कवर होंगे। फिक्स्ड-टर्म वर्कर्स को भी ग्रेच्युटी का लाभ। - महिलाओं को रात में काम की आजादी
महिलाओं को फैक्ट्री में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की छूट मिली। सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान—ट्रांसपोर्ट, सीसीटीवी और सिक्योरिटी। इससे महिलाओं के लिए नौकरियां बढ़ेंगी। - लेऑफ की सीमा बढ़ी—कंपनियों को राहत
पहले 100 कर्मचारियों वाली कंपनियों को लेऑफ के लिए सरकारी मंजूरी चाहिए थी, अब यह 300 तक बढ़ गई। इससे बड़े प्लांट्स में लचीलापन आएगा, लेकिन ट्रेड यूनियनों को मजबूत बनाया गया। - अपॉइंटमेंट लेटर अनिवार्य—नो वर्बल जॉब
हर नए कर्मचारी को जॉइनिंग पर लिखित अपॉइंटमेंट लेटर देना होगा। इससे जॉब सिक्योरिटी बढ़ेगी और विवाद कम होंगे। सभी कॉन्ट्रैक्ट्स डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर होंगे। - 40 साल से ऊपर वालों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप
हर साल फ्री मेडिकल चेकअप अनिवार्य। खासकर 40+ उम्र के कर्मचारियों के लिए। वर्कप्लेस पर कैंटीन, पीने का पानी, रेस्ट एरिया और सैनिटेशन की सुविधाएं जरूरी। - वर्क फ्रॉम होम का प्रावधान
नए कोड में वर्क फ्रॉम होम (WFH) को मान्यता मिली। आईटी और अन्य सेक्टर्स में फ्लेक्सिबल टाइमिंग की छूट। लेकिन हेल्थ और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स लागू रहेंगे। - सिंगल रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस—बिजनेस ईज
कई फाइलिंग्स की जगह एक ही रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस। इंस्पेक्शन अब ‘फेसिलिटेटर’ मॉडल पर—पुलिस स्टाइल नहीं। इससे कंपनियों का समय और पैसा बचेगा। - कॉन्ट्रैक्ट और माइग्रेंट वर्कर्स को बराबरी
कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों को प्रिंसिपल एम्प्लॉयर से समान वेतन और वेलफेयर। माइग्रेंट्स को पोर्टेबल बेनिफिट्स—कहीं भी जाकर ESIC, PF का लाभ। प्लांटेशन, डॉक और टेक्सटाइल वर्कर्स के लिए विशेष सुरक्षा।