2 साल से रच रहे थे दिल्ली दहलाने की साजिश, 2600 किलो बारूद जुटाया था, आतंकी डॉक्टर ने कबूला तबाही का प्लान

नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किले के पास 9 नवंबर 2025 को हुए कार बम ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया, लेकिन NIA और दिल्ली पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ‘डॉक्टर टेरर मॉड्यूल’ की पूरी साजिश खुलासा हो गई। पूछताछ में मुख्य आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल शकील ने कबूल किया कि वे पिछले दो साल से दिल्ली में 26/11 जैसे सीरियल ब्लास्ट की प्लानिंग कर रहे थे।

फरीदाबाद में छिपाए 2600-2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटकों का जखीरा जब्त किया गया, जो बड़े तबाही का सामान था। अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े आठ डॉक्टरों और दो मौलवियों समेत 18 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन किंगपिन डॉक्टर उमर मोहम्मद नबी अभी फरार है।

पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाला 36 वर्षीय MBBS डॉक्टर उमर मोहम्मद नबी JeM का किंगपिन था। दो साल पहले तुर्की में हैंडलर हंजुल्ला के साथ मीटिंग कर उसने दिल्ली को निशाना बनाने का खाका खींचा। उमर ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों को रेडिकलाइज किया—टेलीग्राम पर JeM पोस्टर्स शेयर कर उन्हें भर्ती किया।

ब्लास्ट से ठीक पहले फरीदाबाद के धौज गांव में छापे में 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट, बैटरी, टाइमर और दो AK-47 बरामद हुए। उमर ने खुद 3 लाख रुपये में ये सामान खरीदा, लेकिन पूछताछ में डॉक्टर मुजम्मिल ने बताया कि कुल 30 लाख रुपये जुटाए गए—जिसमें JeM ने 20 लाख दिए। विवाद इतना बढ़ा कि उमर ने जल्दबाजी में 9 नवंबर को I-20 कार से लाल किले के पास धमाका कर दिया। कार को तीन घंटे पार्क कर वह भागा, लेकिन CCTV ने फंसाया।

पूछताछ के सनसनीखेज खुलासे बताते हैं कि आतंकी डॉक्टर आटा पीसने वाली चक्की से अमोनियम नाइट्रेट को यूरिया से अलग कर विस्फोटक तैयार कर रहे थे। फरीदाबाद के धौज गांव में टैक्सी ड्राइवर गनई के किराये के कमरे से NIA ने ग्राइंडर और इलेक्ट्रिकल मशीनें जब्त कीं। मुजम्मिल के कमरे से भी ऐसी मशीनें बरामद हुईं। हंजुल्ला ने 42 वीडियो भेजे, जिनमें बम बनाने की ट्रेनिंग थी।

यूनिवर्सिटी की लैब से केमिकल चुराकर मुजम्मिल के कमरे में स्टोर किया जाता था। बिल्डिंग नंबर 17 उनका सीक्रेट ठिकाना था, जहां 2600 किलो बारूद छिपाया गया—जो साउथ दिल्ली के मॉल्स, मार्केट्स और रेलवे स्टेशनों पर फिदायीन हमलों के लिए था।

  • डॉ. मुजम्मिल शकील: फरीदाबाद में विस्फोटक स्टोरेज का इंचार्ज। कबूला कि अगस्त से फुलप्रूफ प्लान चल रहा था।
  • डॉ. शाहीन शाहिद: महिला विंग हेड, लखनऊ-फरीदाबाद। दो साल से प्लानिंग में सक्रिय।
  • डॉ. आदिल राठर: सहारनपुर में AK-47 और JeM पोस्टर्स रखने वाला। टेलीग्राम पर भर्ती।
  • मौलवी इरफान अहमद: मास्टरमाइंड, उमर के साथ तुर्की प्लान।
  • डॉ. आरिफ और डॉ. शाहीन सईद: कानपुर में 43 कॉल और 200 मैसेज एक्सचेंज। IMA ने शाहीन की सदस्यता रद्द की।