फरीदाबाद के बाद अब अल्मोड़ा से मिला भारी मात्रा में विस्फोटक, अल्मोड़ा के स्कूल परिसर की झाड़ियों में छिपा कर रखा था

उत्तराखंड : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल के परिसर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना हरियाणा के फरीदाबाद में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटकों की जब्ती के महज कुछ दिनों बाद सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं या फिर अवैध खनन और निर्माण कार्यों से जुड़ी हैं? पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र के डभरा स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (गवर्नमेंट इंटर कॉलेज) के पास दोपहर करीब 2:50 बजे बच्चों को खेलते समय झाड़ियों में कुछ संदिग्ध प्लास्टिक पैकेट दिखाई दिए। पैकेटों पर ‘एक्सप्लोसिव्स’ लिखा हुआ था, जिसे देखकर बच्चे घबरा गए। स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य सुभाष सिंह ने तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही अपर उपनिरीक्षक दीवान सिंह बिष्ट और लोमेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेराबंदी कर लिया।

बम निरोधक दस्ते (BDS) की टीमें ऊधम सिंह नगर और नैनीताल से बुलाई गईं। डॉग स्क्वॉड के कुत्ते मौली और रैम्बो की मदद से विस्तृत तलाशी चलाई गई। पहले स्थान से कुछ पैकेट बरामद हुए, फिर 15-20 फीट आगे दूसरे स्थान से बाकी सामग्री मिली। कुल 161 बेलनाकार पैकेट जब्त किए गए, जिनमें जिलेटिन स्टिक्स (जेलिग्नाइट) भरी हुई थीं। इनका वजन करीब 20 किलो (कुछ रिपोर्ट्स में 60 किलो का उल्लेख) बताया जा रहा है। सभी पैकेटों को सुरक्षित स्थान पर एकत्र किया गया, सील किया गया और वीडियोग्राफी के साथ ई-साक्ष्य ऐप पर रिकॉर्ड किया गया।

फरीदाबाद कनेक्शन: क्या है साजिश?
यह खोज फरीदाबाद की घटना के बाद आई है, जहां 9 नवंबर को धौज और फतेहपुर तागा गांवों से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक जब्त किए गए थे। वहां दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट से जुड़े जैश-ए-मोहम्मद के कनेक्शन का शक है। अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ लोग लापता हैं, और NIA जांच कर रही है।

अल्मोड़ा पुलिस का कहना है कि फिलहाल दोनों मामलों का कोई सीधा लिंक नहीं दिख रहा, लेकिन केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। SSP अल्मोड़ा ने कहा, “यह सामग्री संभवतः अवैध खनन या निर्माण साइट से फेंकी गई हो सकती है, लेकिन गहन जांच चल रही है।”

सुरक्षा पर सवाल, अलर्ट जारी
स्कूल के पास इतनी खतरनाक चीज छिपाना बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगा सकता था। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने आसपास के स्कूलों और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विस्फोटकों का अनियंत्रित उपयोग एक बड़ी समस्या है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।