बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी की बुरी तरह हार के बाद संस्थापक प्रशांत किशोर ने ‘मौन व्रत’ रखकर राजनीतिक ‘आत्ममंथन’ का संदेश दिया। पटना के गांधी मैदान में नीतीश कुमार के 10वें शपथ ग्रहण समारोह की चमक-दमक के बीच, प्रशांत किशोर ने भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखा।
1917 में महात्मा गांधी द्वारा नील सत्याग्रह की शुरुआत करने वाले इस ऐतिहासिक स्थल पर किशोर ने चुप्पी साधकर अपनी ‘गलतियों’ का प्रायश्चित किया। जन सुराज ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी नहीं जीती – सिर्फ 3.34% वोट शेयर मिला। किशोर ने कहा, “मैं 100% जिम्मेदारी लेता हूं। बिहार की जनता को नया सिस्टम समझा नहीं सका, इसलिए प्रायश्चित में मौन उपवास।”
हार का आईना: 3 साल की पदयात्रा पर पानी
जन सुराज की स्थापना 2 अक्टूबर 2022 को इसी भितिहरवा आश्रम से हुई थी। प्रशांत किशोर ने 3,500 किमी की पदयात्रा कर बिहार को ‘तीसरा विकल्प’ देने का दावा किया था। लेकिन चुनाव में एनडीए को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिलीं, जन सुराज ‘जीरो’ पर सिमट गई। किशोर ने 18 नवंबर को पटना में समर्थकों से कहा, “हमने ईमानदार कोशिश की, लेकिन पूरी तरह नाकाम रहे। बिहार के लोगों को वोट क्यों दें, नया सिस्टम क्यों बनाएं – ये समझा नहीं सका। इसलिए 20 नवंबर को गांधी आश्रम में मौन व्रत रखूंगा।” उन्होंने इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए कहा, “हार से हार मानना नहीं है। अब दोगुनी मेहनत करूंगा। बिहार को बेहतर बनाने का
संकल्प पूरा होने तक पीछे नहीं हटूंगा।”
20 नवंबर को भितिहरवा आश्रम पहुंचते ही किशोर ने गांधी जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और कुछ करीबी साथियों के साथ वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक मौन रहे। सिर्फ एक चादर बिछाकर बैठे रहे – न खाना, न पानी। सोशल मीडिया पर जन सुराज ने लाइव अपडेट शेयर किया: “गांधी जी के सत्य-अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए बिहार में बदलाव की नई शुरुआत।” किशोर ने व्रत तोड़ने के बाद कहा, “हमने कोई अपराध नहीं किया, गलतियां कीं। लेकिन जनता का विश्वास जीतने में नाकाम रहे। ये मौन व्रत उसी का प्रायश्चित है।”
सियासी गलियारों में ‘आत्ममंथन’ की बहस
प्रशांत किशोर का ये कदम बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, “प्रशांत जी का आत्ममंथन सराहनीय। लेकिन बिहार को बदलाव चाहिए, न कि मौन।” अखिलेश यादव ने भी रीट्वीट किया। वहीं, भाजपा के सुशील कुमार मोदी ने व्यंग्य कसा, “मौन अच्छा है, लेकिन जन सुराज की हार पर चुप्पी से बिहार का भला नहीं होगा।
बिहार: जन सुराज की ‘जीरो’ पर हार के बाद प्रशांत किशोर का गांधी आश्रम में ‘मौन उपवास’ –सियासत में ‘आत्ममंथन’ की लहर!
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