ग्रेटर : भारतीय बॉक्सिंग में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया! हरियाणा की बेटी और विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 के फाइनल में 48 किलोग्राम वर्ग में उज्बेकिस्तान की फोजिलोवा फारजोना को यूनानिमस 5-0 से धूल चटा दी।
बुधवार शाम ग्रेटर नोएडा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हुए इस रोमांचक मुकाबले में मीनाक्षी की तेज-तर्रार पंचिंग और रणनीतिक चालों ने दुनियाभर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारत ने इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जो महिला बॉक्सिंग के लिए एक बड़ा संदेश है।
मात्र 24 वर्षीय मीनाक्षी, जो रोहतक जिले के छोटे से गांव रुरकी की रहने वाली हैं, ने पहले ही सितंबर 2025 में लिवरपूल में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतकर देश का मान बढ़ा चुकी हैं। वहां उन्होंने कजाकिस्तान की ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नाज़िम किज़ाइबे को 4-1 से हराया था।
आज के फाइनल में भी उनकी फिटनेस और स्ट्रैटेजी ने कमाल कर दिया – पहले राउंड में दूरी बनाकर हुक पंच लगाए, दूसरे में काउंटर अटैक से स्कोर बढ़ाया, और तीसरे राउंड में रेफरी ने जल्दी फैसला सुना दिया। “ये जीत मेरे परिवार, कोच और पूरे देश को समर्पित है। सर्दियों में ट्रेनिंग कठिन थी, लेकिन सोचा था कि तिरंगा लहराना है,” मेडल जीतने के बाद मीनाक्षी ने कहा।
इस जीत के साथ ही भारत की एक और मुक्केबाज़ प्रीति पवार ने 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भारत ने कुल तीन मेडल्स हासिल किए – दो गोल्ड और एक सिल्वर। मीनाक्षी की जीत ने न सिर्फ हरियाणा, बल्कि पूरे उत्तर भारत में जश्न का माहौल बना दिया। उनके पिता श्रीकृष्ण हुड्डा, जो ऑटो रिक्शा चलाते हैं, ने भावुक होकर कहा, “बेटी ने गरीबी की दीवार तोड़ दी। गांव की लड़कियां अब सपने देखेंगी।” मीनाक्षी आईटीबीपी कांस्टेबल हैं और 2022 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर के बाद अब विश्व स्तर पर दोहरी सफलता हासिल कर चुकी हैं।