लखनऊ, : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा क्षण आ गया है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट से विधायक सुधाकर सिंह का आज सुबह लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। 67 वर्षीय सुधाकर सिंह लंबे समय से लीवर, किडनी और मल्टी-ऑर्गन फेलियर की समस्या से जूझ रहे थे।
मंगलवार को सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वेंटिलेटर पर थे। सुबह करीब 4 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे डॉक्टर सुजीत सिंह ने निधन की पुष्टि की, जिसके बाद पूर्वांचल से लेकर लखनऊ तक शोक की लहर दौड़ गई।
सुधाकर सिंह का निधन सपा के लिए अपूरणीय क्षति है। वे घोसी उपचुनाव-2023 में भाजपा के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान को करीब 50 हजार वोटों से पटखनी देकर चर्चा में आए थे। यह जीत सपा के लिए पूर्वांचल में एक बड़ा संदेश थी, जहां सुधाकर ने अपने बेबाक अंदाज और जमीनी मुद्दों पर फोकस से विपक्ष को धूल चटाई। मूल रूप से मऊ के रहने वाले सुधाकर सिंह एक अनुभवी राजनेता थे, जिनकी राजनीतिक जड़ें गहरी थीं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले और घोसी क्षेत्र में सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों का दिल जीता।
क्या थी सुधाकर सिंह की राजनीतिक यात्रा?
उपचुनाव की शानदार जीत: 2023 के घोसी उपचुनाव में सपा ने सुधाकर को टिकट दिया, जो पहले टिकट कटने का शिकार हो चुके थे। उन्होंने दारा सिंह चौहान को 1,10,000 से ज्यादा वोटों से हराया, जो भाजपा के लिए झटका था।
सपा का प्रमुख चेहरा: अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले सुधाकर पार्टी के संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते थे। वे पूर्वांचल में सपा की लाइन मजबूत करने वाले स्तंभ थे।
व्यक्तिगत जीवन: सुधाकर सिंह के दो बेटे हैं – डॉक्टर सुजीत सिंह और दूसरा बेटा। वे परिवार के साथ मऊ में रहते थे और इलाके के विकास के लिए हमेशा सक्रिय रहते।
निधन की खबर मिलते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव मेदांता अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मिले। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, “सुधाकर सिंह जी का निधन अत्यंत दुखद है। वे सपा के जुझारू सिपाही थे, जिन्होंने घोसी में ऐतिहासिक जीत दिलाई। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।” योगी सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी शोक व्यक्त किया, “सुधाकर जी एक सच्चे योद्धा थे। उनकी कमी खलेगी।” पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।