पटना, : बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रचने को तैयार है जनता दल यूनाइटेड के संरक्षक नीतीश कुमार। विधानसभा चुनाव में एनडीए की जबरदस्त जीत के बाद आज वे दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दोपहर 11:30 बजे शुरू होने वाले इस
भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के तमाम दिग्गज नेता पहुंचेंगे। साथ ही, करीब 20 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जाएगी, जो नई सरकार की नींव रखेगी।
चुनावी जीत का जश्न, नीतीश का ‘सुशासन’ दौर फिर शुरू
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाकर लैंडस्लाइड जीत हासिल की। भाजपा को 89, जेडीयू को 85, चिराग पासवान की एलजेपी (आरवी) को 19, हम को 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं। महिलाओं के वोट और नीतीश के कल्याणकारी योजनाओं ने विपक्ष को धूल चटा दी। कल शाम नीतीश ने राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपा और एनडीए विधायकों के समर्थन पत्र भेजे।
राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें कार्यवाहक सीएम बनाए रखा। जेडीयू विधायक दल की बैठक में नीतीश को सर्वसम्मति से नेता चुना गया, उसके बाद एनडीए की बैठक में भी यही फैसला हुआ।
समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। गांधी मैदान को 17 नवंबर से ही बंद कर दिया गया था, ताकि लाखों समर्थक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकें। स्टेज पर नीतीश के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी शपथ लेंगे। कैबिनेट में भाजपा से 16 और जेडीयू से 14 मंत्री शामिल होंगे।
नए चेहरों में जेडीयू से विजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, लेशी सिंह, शीला मंडल, मदन साहनी, रत्नेश सदा, मोहम्मद जामा खान, जयंत राज, उमेश सिंह कुशवाहा और अशोक चौधरी के नाम प्रमुख हैं। एलजेपी को 3 और अन्य सहयोगियों को सीमित बर्थ मिल सकती हैं।