वर्दी में रौब द‍िखा रहा था दरोगा, लड़खड़ाते कदम पुल‍िस पकड़कर ले आई थाने; फ‍िर सामने आई हैरान करने वाली हकीकत

आरा : बिहार के भोजपुर जिले में एक ऐसा ‘दारोगा’ पकड़ा गया, जिसने पुलिस की वर्दी पहनकर डेढ़ साल तक लोगों पर रौब झाड़ा। थाने में घुसकर अफसरों से बातें करता, वाहनों से वसूली करता, लेकिन हकीकत ये निकली कि वो न तो दरोगा था और न ही पुलिस से जुड़ा – बस एक आम आदमी, जो नकली दस्तावेजों के बल पर अपराध की दुनिया में घुसा हुआ था। लड़खड़ाते कदमों से भागने की कोशिश की, लेकिन बिहिया थाने की पुलिस ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। अब वो जेल की हवा खा रहा है, और पूरा मामला पुलिस महकमे में हंगामा मचा रहा है।

मामला बिहिया थाना क्षेत्र का है। आरोपी राकेश कुमार सिंह (उम्र 35 वर्ष), गढ़नी थाना क्षेत्र के मदुरा गांव का रहने वाला है। पिछले डेढ़ साल से वो रोहतास और भोजपुर के इलाकों में घूम-घूमकर खुद को ‘सब-इंस्पेक्टर’ बताता था। नकली वर्दी, बेल्ट, बैच, टोपी और फर्जी आईडी कार्ड के दम पर वो थानों में घुस जाता। कभी वाहन चेकिंग के नाम पर ट्रक-बस वालों से हजारों रुपये ऐंठ लेता, तो कभी छोटे-मोटे अपराधियों को ‘सेटलमेंट’ का लालच देकर पैसे कमाता।

सबसे शॉकिंग खुलासा तब हुआ जब पता चला कि राकेश ने बिहिया थाने की एक महिला इंस्पेक्टर को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। फर्जी आईडी दिखाकर वो थाने पहुंचा और बोला, “मैडम, मैं आपका बैचमेट हूं। पुरानी ट्रेनिंग से जान-पहचान है।” महिला अधिकारी से फोन पर महीनों बातें करता रहा, लेकिन एक झूठ ने उसका भेद खोल दिया। जब महिला इंस्पेक्टर ने वेरिफिकेशन के लिए ऊपर वालों से बात की, तो सारा खेल सामने आ गया। राकेश ने अपनी पत्नी को भी धोखा दिया था – बताया था कि वो ‘टेक्नीशियन’ है, जबकि असल में अपराध की राह पर था।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राकेश बिहिया सब्जी बाजार में घूम रहा है। टीम ने छापा मारा, तो वो लड़खड़ाते कदमों से भागने लगा। लेकिन ज्यादा दूर न जा सका। पकड़े जाने पर गिड़गिड़ाने लगा, “साहब, गलती हो गई… परिवार है, छोड़ दो।” उसके पास से नकली पिस्टल, वर्दी का पूरा सेट और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि राकेश ने मुंगेर के किसी दलाल से ‘सेटिंग’ करवाई थी, जिसने उसे ये नकली किट दी। वो कभी-कभी थाने में ही आकर रौब झाड़ता, जैसे बिहिया थाने में एक बार घुसा और प्रभारी से ‘ऑर्डर’ देने की कोशिश की।