लखनऊ बनेगा भारत की सांस्कृतिक राजधानी। जंबूरी में दुनिया को दिखेगी यूपी की कला, शिल्प और स्वाद

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब सिर्फ नवाबों का शहर नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक राजधानी बनने जा रही है। फरवरी 2027 में होने वाले 26वें विश्व स्काउट-गाइड जंबूरी को योगी सरकार ने “भारत की सांस्कृतिक महाकुंभ” बनाने का ऐलान कर दिया है। दुनिया के 170 देशों के 55 हजार से ज्यादा स्काउट-गाइड जब लखनऊ आएंगे, तो उन्हें 15 दिन तक सिर्फ टेंट और बैज नहीं, बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश परोस दिया जाएगा।

लखनऊ हाट” – 12 एकड़ का विशाल क्राफ्ट बाजार
चिकनकारी, जरदोजी, लखनवी परफ्यूम (इत्र), बनारसी साड़ी, फिरोजाबादी मिट्टी के बर्तन, अलीगढ़ के ताले, मुरादाबाद की पीतल की कारीगरी – सब एक छत के नीचे। 1000 से ज्यादा कारीगर लाइव डेमो देंगे। विदेशी मेहमान खुद चिकन की कढ़ाई और इत्र की भाप देखकर हैरान रह जाएंगे।

अवध की रसोई” – खाने का ऐसा ठिकाना जो भुलाया न जाएगा
टुंडे के गलावटी कबाब, इडरीस की बिरयानी, राम असरे की मलाई मक़्खन, श्रीनाथ की जलेबी, जैन चाट का टोकरी चाट, भूतों की कुल्फी, चौपटिया की मिठाई – सब कुछ मिलेगा। खास बात: सारे स्टॉल सिर्फ महिला स्वयं सहायता समूह और दिव्यांग उद्यमी चलाएंगे।

हर शाम “संगम संगीत सांस्कृतिक संध्या”
बिरजू महाराज के शिष्य कथक नाचेंगे, गिरिजा देवी की शिष्या ठुमरी गाएंगी, भातखंडे के छात्र राग यमन बजाएंगे। विदेशी स्काउट खुद घुंघरू बांधकर ठुमका लगाना सीखेंगे।

गोमती तट पर “रामायण-महाभारत लाइट एंड साउंड शो”
500 ड्रोन और लेजर की रोशनी से आसमान में राम-वनवास और कृष्ण-सुदर्शन चक्र की कहानी दिखेगी। पहली बार हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी और अरबी में भी नरेशन होगा।

गंगा-जमुनी तहजीब कोना”
एक तरफ हनुमान चालीसा की चौपाई, दूसरी तरफ सूफी कलाम। बच्चे देखेंगे कि कैसे लखनऊ में सदियों से हिंदू-मुस्लिम एक साथ दीवाली और ईद मनाते आए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, दुनिया लखनऊ को केवल कबाब-के-कबाब समझती है। हम दिखाएंगे कि यही शहर संत तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखा, यही नवाब वाजिद अली शाह ने कथक को नया जीवन दिया। 2027 में लखनऊ भारत की सांस्कृतिक राजधानी बनेगा – और ये सिर्फ 15 दिन के लिए नहीं, हमेशा के लिए याद रहेगा।” जंबूरी के लिए 1200 करोड़ का बजट मंजूर हो चुका है। लखनऊ एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, गोमती नगर से जंबूरी ग्राउंड तक 6-लेन रोड, मेट्रो का विस्तार – सब तेजी से बन रहे हैं।