महाराष्ट्र: सपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, ‘सिर्फ लेना चाहती है, देना नहीं’; BMC चुनाव अकेले लड़ने का किया ऐलान

मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में महा विकास अघाड़ी (MVA) में दरारें साफ दिखने लगी हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वह ‘सिर्फ लेना चाहती है, देना नहीं’। पार्टी ने ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में किसी भी गठबंधन से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया है और अकेले ही मैदान में उतरने का फैसला किया है।

सपा नेता अबू आजिम आजमी ने कांग्रेस को ‘अहंकारी और बिना नेतृत्व वाली’ पार्टी बताते हुए अल्पसंख्यकों के लिए कुछ न करने का आरोप लगाया। यह फैसला MVA को बड़ा झटका है, जहां शिवसेना (UBT) और एनसीपी (SP) भी सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी जता रही हैं। BMC चुनाव 2 दिसंबर को होंगे, जिनकी गिनती 3 दिसंबर को होगी।

आजमी ने कहा, “कांग्रेस ने आखिरी मिनट में धोखा दिया और फैसले बदल दिए। वे अल्पसंख्यकों की मदद नहीं करते, सिर्फ अहंकार दिखाते हैं। सपा अब 227 में से करीब 150 सीटों पर अकेले उम्मीदवार उतारेगी।” पार्टी ने MVA या इंडिया गठबंधन के साथ कोई समझौता न करने का स्पष्ट संकेत दिया। यह बयान बिहार चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद आया है, जहां महागठबंधन को करारी शिकस्त मिली। सपा नेताओं का मानना है कि अखिलेश यादव को विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व मिलना चाहिए।

BMC – देश की सबसे अमीर महानगरपालिका – पर कब्जे की जंग तेज हो गई है। 227 वार्डों वाले इस चुनाव में सत्ताधारी महायुति (बीजेपी, शिवसेना-शिंदे, एनसीपी-अजित) ने गठबंधन कायम रखने का ऐलान किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “हम दो-तिहाई बहुमत और 51% वोट शेयर का लक्ष्य लेकर उतरेंगे।” लेकिन MVA में टूट का खतरा मंडरा रहा है:

कांग्रेस की मुंबई इकाई ने कहा कि वे आरपीआई और एनसीपी (SP) जैसे समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन पर विचार कर रही है, लेकिन MNS के साथ शिवसेना (UBT) के संभावित गठबंधन से दूरी बनाए रखेंगी। 2017 के BMC चुनावों में बीजेपी को 82 और शिवसेना को 84 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 31। 2024 विधानसभा में MVA की हार ने गठबंधन की कमजोरी उजागर कर दी।

यह विवाद बिहार विधानसभा चुनावों की हार से उपजा है, जहां कांग्रेस को 61 में से सिर्फ 6 सीटें मिलीं। सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा, “अखिलेश यादव को इंडिया ब्लॉक का चेहरा बनना चाहिए। कांग्रेस की हार से सबक लें।” महाराष्ट्र में MVA की समन्वय समिति की बैठक 18-19 नवंबर को होनी है, लेकिन सपा के बाहर होने से गठबंधन कमजोर पड़ रहा है। शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने कहा, “गठबंधन में हर पार्टी को लचीलापन दिखाना चाहिए, वरना संगठन की हानि होती है।” एनसीपी (SP) के शरद पावर ने भी BMC में इंडिया ब्लॉक की चर्चा न होने पर नाराजगी जताई।