नई दिल्ली : भारतीय मुक्केबाजी में एक नया सूरज उगा है। हरियाणा की मीनाक्षी हुड्डा ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 के 48 किग्रा वर्ग फाइनल में कजाकिस्तान की नाज़िम किज़ाइबे को 4-1 से मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह उनकी पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप जीत है, जो न केवल भारत के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि मीनाक्षी की प्रेरणादायक कहानी को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है।
गरीबी की जंजीरों से निकलकर रिंग में तूफान लाने वाली यह 24 वर्षीय मुक्केबाज रोहतक के एक ऑटो चालक की बेटी हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि सपने अमीर-गरीब नहीं देखते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे देश ने उनकी इस उपलब्धि पर बधाई का दौर चलाया है।
टूर्नामेंट लिवरपूल (यूके) में आयोजित हुआ, जहां मीनाक्षी ने सेमीफाइनल में मंगोलिया की लुत्साइखानी अल्तांतसेट्सेग को 5-0 से धूल चटाकर फाइनल का टिकट पक्का किया था। फाइनल में किज़ाइबे – जो पेरिस ओलंपिक 2024 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं – के खिलाफ मीनाक्षी ने शानदार काउंटर पंचिंग और रिंग कंट्रोल का प्रदर्शन किया। पहले दो राउंड में कड़ी टक्कर के बाद तीसरे राउंड में उन्होंने बढ़त बना ली, और अंतिम राउंड में डिफेंसिव स्ट्रैटेजी से जीत पक्की कर ली। यह जीत वर्ल्ड बॉक्सिंग (नई गवर्निंग बॉडी) के तहत भारत की पहली चैंपियनशिप गोल्ड है।
मीनाक्षी का जन्म रोहतक (हरियाणा) में एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता रणबीर सिंह ऑटो रिक्शा चलाते हैं, जो सुबह से शाम तक सड़कों पर पसीना बहाते हैं ताकि बेटी का सपना पूरा हो सके। मां सुनीता गृहिणी हैं, और घर की आर्थिक तंगी ने कभी मीनाक्षी को रुका नहीं। बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाली मीनाक्षी ने 2018 में नेशनल लेवल पर डेब्यू किया। 2023 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर और वर्ल्ड कप में सिल्वर जीत चुकीं मीनाक्षी ने कहा, “मैं देश के लिए गोल्ड जीतकर बहुत खुश हूं। पापा की मेहनत और मां की दुआओं का फल मिला। अब अगला लक्ष्य वर्ल्ड कप में गोल्ड है।” उनकी कहानी गरीब घरों के बच्चों के लिए मिसाल है – एक ऐसी बेटी जो रिंग में उतरकर न सिर्फ खुद को, बल्कि पूरे परिवार को सम्मान दिला रही है।
इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 20 मुक्केबाज उतारे, जिनमें ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहैन और निकहत ज़रीन भी शामिल थीं। मीनाक्षी की जीत के साथ जसमीत लंबोरिया ने भी 57 किग्रा वर्ग में पोलैंड की जूलिया स्ज़ेरेमेटा को हराकर गोल्ड जीता। नूपुर शोरन को 80+ किग्रा में सिल्वर मिला, जबकि पूजा रानी ने 80 किग्रा में ब्रॉन्ज हासिल किया। कुल 4 मेडल्स के साथ भारत ने मेडल टैली में मजबूत प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “मीनाक्षी की दृढ़ता और सफलता भारतीय एथलीट्स के लिए प्रेरणा है। जसमीत का प्रदर्शन भी अविस्मरणीय रहेगा।”
वर्ल्ड बॉक्सिंग 2025: ऑटो चालक की बेटी मीनाक्षी हुड्डा ने फाइनल में टिकट किया पक्का, सोने का तमगा जीतकर इतिहास रचा
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