श्रीनगर के गुरुद्वारे पहुंचे अरविंद केजरीवाल और पंजाब CM भगवंत मान, कीर्तन दरबार’ में शामिल हुए, किए ये बड़े ऐलान

श्रीनगर : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मंगलवार को श्रीनगर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही पहुंचे। यहां उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘कीर्तन दरबार’ में शिरकत की। पंजाब सरकार द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने गुरु साहिब के बलिदान की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने धार्मिक सद्भाव, साम्प्रदायिक एकता और गुरु जी के संदेश को फैलाने के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए, जो पूरे उत्तर भारत में सिख समुदाय और कश्मीरी पंडितों के बीच उत्साह भर देने वाले हैं।

कार्यक्रम गुरुद्वारा छठी पातशाही में आयोजित किया गया, जो कश्मीर घाटी में गुरु तेग बहादुर जी के छठे पग के रूप में जाना जाता है। पंजाब सरकार की ओर से राज्य स्तर पर आयोजित श्रृंखला के हिस्से के रूप में यह कीर्तन दरबार हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने संगत के साथ बैठकर शबद कीर्तन सुना और गुरु जी के जीवन दर्शन पर चर्चा की। पंजाब कैबिनेट के कई मंत्री भी मौजूद थे।

अरविंद केजरीवाल ने संबोधन में कहा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अनमोल है। मुगल काल में जब कश्मीरी पंडितों पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया, तब गुरु साहिब ने दिल्ली में अपना शीश कटवाकर सभी धर्मों की रक्षा की। यह इतिहास का एक ऐसा पन्ना है जो दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है।” उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा इस मेगा इवेंट के लिए किए गए विस्तृत इंतजामों की सराहना की और लोगों से गुरु जी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और सभी का कल्याण के लिए था। पंडित कृपा राम जी, जो मट्टन (श्रीनगर से 65 किमी दूर) के निवासी थे, ने गुरु जी से शरण ली थी। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि कश्मीरी पंडित भी इस नagar कीर्तन में भाग लेंगे, जो साम्प्रदायिक सद्भाव का सुंदर प्रतीक है।” उन्होंने गुरु जी की शहादत के 24 वर्ष बाद 1699 में श्री आनंदपुर साहिब पर खालसा का जन्म होने का जिक्र करते हुए कहा कि यह यात्रा उत्तर भारत भर में गुरु जी का संदेश फैलाएगी।

19 नवंबर को श्रीनगर के गुरुद्वारा छठी पातशाही से एक भव्य कीर्तन शुरू होगा, जो जम्मू, पठानकोट और अन्य शहरों से होकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। इसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित शामिल होंगे, जो हिंदू-सिख एकता का प्रतीक बनेगा।

20 नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), फिरोजपुर (फरीदकोट) और गुरदासपुर से तीन और नagar कीर्तन रवाना होंगे। ये सभी 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में एकत्रित होंगे।

23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में विशाल कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी आमंत्रित किया गया है। इससे पहले 1 से 18 नवंबर तक पंजाब के सभी जिलों में लाइट एंड साउंड शो आयोजित हो चुके हैं। केजरीवाल ने दुनिया भर के लोगों को इन आयोजनों में शामिल होने का न्योता दिया, ताकि गुरु जी का संदेश वैश्विक स्तर पर फैले। ये ऐलान न केवल सिख समुदाय को जोड़ेंगे, बल्कि कश्मीर से पंजाब तक धार्मिक सद्भाव को मजबूत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भी भागीदारी की संभावना जताई गई है।