अयोध्या : अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद एक और ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर 25 नवंबर को मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा रंग का धर्म ध्वज फहराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं बटन दबाकर 190 फीट ऊंचे शिखर पर 22 फीट लंबा केसरिया ध्वज फहराएंगे, जो मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक बनेगा।
इस भव्य समारोह में बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन, क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर समेत देश के प्रमुख उद्योगपति, कलाकार, खिलाड़ी और धार्मिक हस्तियां शामिल होंगी। कार्यक्रम के दौरान आम श्रद्धालुओं के दर्शन बंद रहेंगे, लेकिन दूरदर्शन और सभी टीवी चैनलों पर लाइव प्रसारण होगा।
यह आयोजन राम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर के पूर्ण उद्घाटन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।ध्वजारोहण का पूरा विवरण: शुभ मुहूर्त से लेकर सुरक्षा तकतारीख और समय: 25 नवंबर (मंगलवार) को विवाह पंचमी के दिन दोपहर 11:58 से 1:00 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण होगा। यह तिथि त्रेता युग में भगवान राम और माता सीता के विवाह की स्मृति को समर्पित है।
वाल्मीकि रामायण से प्रेरित भगवा रंग का 22×11 फीट का ध्वज, जिसमें सूर्य, ओम और कोविदार वृक्ष के प्रतीक उकेरे गए हैं। यह रेशम के धागों से तैयार है और 360 डिग्री घूमने की क्षमता वाला है, ताकि आंधी-तूफान में भी फहराता रहे। ध्वज हर वर्ष चैत्र और शारदीय नवरात्र पर बदला जाएगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा: पीएम मोदी शंकराचार्य प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। ध्वजारोहण के बाद वे श्रमिकों-कारीगरों से मुलाकात करेंगे, मंदिर परिसर का भ्रमण करेंगे और देश को संबोधित करेंगे। मुख्य मंदिर के अलावा परकोटे के छह अन्य मंदिरों (शेषावतार, सप्त ऋषि आदि) पर भी ध्वज फहराए जाएंगे। 21 नवंबर से पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान शुरू हो चुके हैं, जिसमें 108 वैदिक आचार्य भाग लेंगे।
दर्शन व्यवस्था: 24 नवंबर शाम 5 बजे से दर्शन बंद हो जाएंगे। 25 नवंबर को सुबह 8 से 9 बजे तक ही आम प्रवेश रहेगा, उसके बाद पूर्ण बंदी। 26 नवंबर सुबह 7 बजे से दर्शन फिर शुरू होंगे। ट्रस्ट ने अपील की है कि भक्त घरों से ही कार्यक्रम देखें।
सुरक्षा और तैयारी: अयोध्या एयरपोर्ट पर व्यापक सुरक्षा, मंदिर परिसर में दो मंच (एक ध्वजारोहण के लिए, दूसरा संबोधन के लिए)। सड़कें साफ, घाट सजाए गए, और 70 एकड़ परिसर में सात मंडप तैयार। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को निरीक्षण किया।वीडियो फुटेज और रिपोर्ट्स में दिख रहा है कि मंदिर का सुनहरा शिखर चमक रहा है, और कारीगर अंतिम स्पर्श दे रहे हैं। एक ट्रस्ट सदस्य ने कहा, “यह 500 वर्षों के संघर्ष का विजयी क्षण है।”