कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जहां ‘लुटेरी दुल्हन’ के नाम से मशहूर दिव्यांशी ने प्यार और शादी के जाल में फंसाकर दो पुलिस सब-इंस्पेक्टरों और दो बैंक मैनेजरों से शादियां रचाईं। आरोप है कि उसने इन शादियों के बहाने करोड़ों रुपये की ठगी की, जिसमें 8 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजेक्शन शामिल हैं। कानपुर पुलिस ने आखिरकार इस ‘महा-ठगिनी’ को गिरफ्तार कर लिया है, और उसके 10 से ज्यादा बैंक खातों की जांच चल रही है।
यह मामला न केवल कानपुर, बल्कि पूरे यूपी में साइबर ठगी और वैवाहिक धोखाधड़ी की नई मिसाल बन गया है।दिव्यांशी, जो खुद को एक साधारण युवती बताती थी, ने पिछले दो वर्षों में कम से कम चार शादियां कीं। उसके शिकार मुख्य रूप से उच्च पदस्थ अधिकारी और बैंक कर्मचारी बने।
पुलिस के अनुसार, वह मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करती, फिर शादी का झांसा देकर नकदी, जेवर और बैंक डिटेल्स हड़प लेती। उसके गिरोह में कुछ साथी भी शामिल थे, जो फर्जी दस्तावेज तैयार करते और ट्रांजेक्शन को लेयरिंग के जरिए छिपाते।
शिकार बने उच्च अधिकारी: दरोगाओं से लेकर बैंकर्स तकदरोगा आदित्य कुमार लोचव: कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात 2019 बैच के सब-इंस्पेक्टर आदित्य बुलंदशहर के बीबीनगर निवासी हैं। उनके माता-पिता का देहांत हो चुका है, और घर में एक दिव्यांग भाई है। दिव्यांशी ने उनसे शादी रचाई और 14 लाख रुपये हड़पने के साथ-साथ कई महिलाओं से अवैध संबंध का झूठा आरोप लगाकर ब्लैकमेल किया। आदित्य ने बताया, “शादी के चार दिन बाद उसने मेरा घर कब्जा कर लिया और लाखों के जेवर लेकर फरार हो गई। जब मैंने उसके फोन चेक किया, तो कई यूपीआई ऐप्स डिलीट मिले।”
दूसरा सब-इंस्पेक्टर: एक अन्य अनाम सब-इंस्पेक्टर भी उसके जाल में फंसा, जिनसे शादी के नाम पर लाखों की ठगी हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह सीओ स्तर के अधिकारी से भी करीबी संबंध रखती थी।
दो बैंक मैनेजर: एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट के बहाने 45 लाख रुपये ठगे गए, जबकि दूसरे मैनेजर से शादी के चक्कर में करोड़ों के फर्जी लोन और ट्रांजेक्शन करवाए। कुल मिलाकर, उसके खातों में 8 करोड़ से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पकड़े गए, जो साइबर फ्रॉड से जुड़े लग रहे हैं।
दिव्यांशी ने शादियों के दौरान ‘गोद भराई’ और ‘शादी की तैयारियां’ के नाम पर पैसे ऐंठे। उसके पास 10 से ज्यादा बैंक खाते थे, जिनमें से कुछ नामी बैंकों के थे। जांच में पता चला कि वह आठवीं पास होने के बावजूद साइबर ठगी की मास्टरमाइंड थी, और उसके साथी भोपाल व अन्य जगहों से गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस कार्रवाई: गिरफ्तारी के बाद खुलासेकानपुर साइबर सेल और चकेरी थाने की संयुक्त टीम ने दिव्यांशी को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (ठगी), 467 (जालसाजी) और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। “यह यूपी में वैवाहिक ठगी का सबसे बड़ा केस है। उसके फोन से 50 से ज्यादा संपर्क नंबर मिले, जिनकी जांच हो रही है।” पुलिस ने उसके साथियों की तलाश तेज कर दी है, और मुरादाबाद, रामपुर जैसे जिलों में भी इसी तरह के केस लिंक हो सकते हैं।