नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की शानदार जीत ने भाजपा को नई ऊर्जा दी है। अब निशाना है पश्चिम बंगाल, जहां 2026 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी के ‘ममता मैजिक’ को तोड़ने के लिए भाजपा ने खास रणनीति तैयार की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि ‘गंगा की तरह बिहार से बंगाल बहाव आ रहा है’, और भाजपा ‘जंगलराज’ को उखाड़ फेंकेगी। पार्टी का दावा है कि बिहार की तरह ही बंगाल में भी विकास और सुशासन का संदेश जनता तक पहुंचेगा, जिससे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का 15 साल पुराना किला ढह सकता है।
बिहार में 202 सीटें जीतकर एनडीए ने न केवल महागठबंधन को पटखनी दी, बल्कि विपक्ष के ‘जंगलराज’ के नैरेटिव को भी उजागर किया। इसी फॉर्मूले को बंगाल में दोहराने की तैयारी है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, “बंगाल के लोग ममता बनर्जी को उखाड़ फेंकने का इंतजार कर रहे हैं। बस जरूरी है कि वोटिंग स्वतंत्र हो, क्योंकि यहां हिंसा और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।” पार्टी की रणनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों, जैसे एसएससी भर्ती घोटाले और कल्याण योजनाओं में अनियमितताओं पर जोर दिया जाएगा।
बिहार मॉडल से सबकभाजपा ने बिहार की सफलता से प्रेरित होकर बंगाल के लिए बहुआयामी प्लान बनाया है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:’जंगलराज’ का नैरेटिव मजबूत करना: बिहार में लालू प्रसाद यादव के ‘जंगलराज’ को निशाना बनाकर भाजपा ने जीत हासिल की। अब बंगाल में ममता सरकार पर हिंसा, अपराध और अराजकता के आरोप लगाए जाएंगे।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की हत्या-बलात्कार की घटना को हथियार बनाया जाएगा। असंसोल भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की चीज ही नहीं बची है। 2026 में भाजपा सत्ता पर काबिज हो जाएगी।”
महिलाओं और युवाओं पर फोकस: ममता बनर्जी की मजबूत महिला वोट बैंक को चुनौती देने के लिए भाजपा महिला-केंद्रित अभियान चलाएगी। बिहार की तरह ‘महिला-युवा’ (MY) फॉर्मूला अपनाया जाएगा, जिसमें रोजगार, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर। युवाओं को निशाना बनाने के लिए औद्योगिक विकास, नौकरियां और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वादे किए जाएंगे।
घास-मूल स्तर पर संगठन मजबूत: 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 से 77 सीटें बढ़ाई थीं, लेकिन लोकसभा 2024 में कुछ नुकसान हुआ। अब बूथ-स्तरीय कमेटियों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। विशेष गहन संशोधन (SIR) को ‘वोटर डेटाबेस की सफाई’ बताकर समर्थन जुटाया जा रहा है, जबकि टीएमसी इसे ‘चुपके से धांधली’ करार दे रही है।
लोकसभा चुनावों में उच्च वोट शेयर वाले इलाकों पर फोकस। सुवेंदु अधिकारी जैसे स्थानीय नेताओं को मजबूत किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि ममता के खिलाफ एक मजबूत चेहरा जरूरी है, जो अमित शाह की विशेष रणनीति से उभर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “बिहार ने दिखा दिया कि विकासवाद जातिवाद पर भारी पड़ता है। अब बंगाल की बारी है।” भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, “बंगाल, तमिलनाडु और केरल पर फोकस है। हमारी सीटें 77 से आगे बढ़ेंगी।”