नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत न केवल तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का प्रतीक बन गया है, बल्कि पूरी दुनिया इसे ‘आशा का मॉडल’ (होप मॉडल) के रूप में देख रही है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत को ‘विकासवाद’ और ‘सुशासन’ की जीत बताते हुए कहा कि यह जनादेश जातिवाद, वंशवाद और जंगलराज की राजनीति को सिरे से खारिज करने का संदेश है।
यह बयान प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में आयोजित छठे रामनाथ गोयनका अवॉर्ड्स के दौरान दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि 10 साल पहले जहां भारत को एक उभरते बाजार (इमर्जिंग मार्केट) के रूप में देखा जाता था, वहीं आज यह दुनिया के लिए एक ‘उभरता मॉडल’ (इमर्जिंग मॉडल) है। “भारत अब सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विकास का नेतृत्व करने वाला इंजन है। हमारी अर्थव्यवस्था 11वीं से पांचवीं सबसे बड़ी बन चुकी है और जल्द ही तीसरी पर पहुंच जाएगी।”
उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन, डिजिटल क्रांति और आत्मनिर्भरता जैसे कदमों से विश्व बैंक जैसी संस्थाएं भी भारत की नीतियों की सराहना कर रही हैं।बिहार जनादेश पर विशेष टिप्पणीप्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में 1951 के बाद का सबसे अधिक मतदान (लगभग 70 प्रतिशत से ऊपर) हुआ, जो जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी को दर्शाता है। “यह जनादेश विकास-विरोधी ताकतों को करारा जवाब है।
बिहार ने साफ संदेश दिया कि वंशवाद नहीं, विकासवाद चलेगा।” उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता सामाजिक न्याय के नाम पर केवल अपना स्वार्थ साधते हैं, जबकि भाजपा और एनडीए 24×7 विकास और कल्याण के प्रति समर्पित हैं।मोदी ने बिहार की जीत को ‘महिला-युवा’ (MY) फॉर्मूले की सफलता बताया, जो आने वाले दशकों की राजनीति की नींव रखेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा दुनिया भर में अपनी प्रतिभा से छाए हुए हैं और अब राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का मिजाज दिखा रहा है।
“एनडीए की जीत से साबित हो गया कि जनता सुशासन और जन-कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। जंगलराज कभी लौटकर नहीं आएगा।”वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिकाकार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं को ‘X-फैक्टर’ करार दिया, जहां ‘X’ का अर्थ प्रयोग (एक्सपेरिमेंटेशन), उत्कृष्टता (एक्सीलेंस) और विस्तार (एक्सपैंशन) है। उन्होंने बताया कि 140 देशों में भारतीय युवा नई तकनीकों का आविष्कार कर रहे हैं। “
दुनिया अनिश्चितता से जूझ रही है, लेकिन भारत आगे का रास्ता दिखा रहा है। हमारा मंत्र ‘नेशन फर्स्ट’ है।” उन्होंने राज्यों से अपील की कि निवेश आकर्षित करने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के लिए प्रतिस्पर्धा करें।