दो पैन कार्ड केस: सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्लाह को 7-7 साल की सजा, रामपुर पुलिस ने कस्टडी में लिया

रामपुर : उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम को दो पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के दोषी ठहराते हुए 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा सुनते ही कोर्ट ने दोनों को हिरासत में ले लिया, और रामपुर पुलिस ने उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।

यह फैसला आजम खान के लिए तगड़ा झटका है, जो दो महीने पहले ही सितापुर जेल से रिहा हुए थे।मामले का पूरा बैकग्राउंडकेस की शुरुआत: यह मामला दिसंबर 2019 का है, जब भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। सक्सेना ने आरोप लगाया कि अब्दुल्लाह आजम ने दो अलग-अलग जन्म तिथियों वाले फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए।

एक पैन कार्ड में जन्म तिथि 1 जुलाई 1993 बताई गई, जबकि दूसरे में 1 जून 1993। इसी तरह, आजम खान पर भी सह-आरोपी के रूप में फर्जी दस्तावेजों से पैन कार्ड बनवाने का आरोप था। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।

कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद सोमवार को फैसला सुनाया। जज ने कहा कि दोनों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकिंग लेन-देन और आयकर विवरण में धोखा दिया। IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी) और 120-बी (साजिश) के तहत सजा सुनाई गई। आजम खान पर पहले से कई मुकदमों में सजाएं हैं, जिनमें रामपुर में दंगा, जमीन हड़पने और अन्य मामले शामिल हैं। वे कुल 27 मामलों का सामना कर चुके हैं। अब्दुल्लाह पर यह पहली बड़ी सजा है।

वर्तमान स्थिति और कस्टडीकोर्ट में हिरासत: फैसला सुनते ही दोनों को कोर्ट ने कस्टडी में ले लिया। रामपुर एसएसपी ने पुष्टि की कि उन्हें रामपुर मंडली जेल भेज दिया गया है। आजम खान (73 वर्ष) की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए मेडिकल जांच कराई जा रही है।
जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त 6 महीने की सजा हो सकती है। दोनों के वकील अपील दाखिल करने की तैयारी में हैं।