लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित बाबू बनारसी दास (बीबीडी) विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं को जीवन का महत्वपूर्ण मंत्र दिया। उन्होंने कहा, “समस्या की तरफ जाएंगे तो समस्या ही मिलेगी, लेकिन समाधान की ओर बढ़ेंगे तो सफलता निश्चित है।” कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल सीएम ने 5,746 छात्रों को डिग्री वितरित की और मेधावी छात्रों को मेडल प्रदान किए।
यह समारोह विश्वविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय अखिलेश दास की याद में आयोजित हुआ, जहां योगी ने शिक्षा, खेल और सामाजिक समावेश पर जोर दिया। दो बैच के 5,746 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में 2,500 से अधिक छात्र मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मंच पर थे।
योगी ने कहा कि भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली का समावर्तन समारोह ही आधुनिक दीक्षांत है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि दुनिया से 10 कदम आगे की सोच रखें। “समस्याओं पर कोसने से पलायन होता है, समाधान पर फोकस करें।” यह बयान पर्यावरण, बेरोजगारी और सामाजिक चुनौतियों के संदर्भ में था।
सीएम ने अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र किया। कहा कि यूपी अब केंद्र की सभी योजनाओं का केंद्र बिंदु है। G-20 समिट के बाद लगाए गमलों की चोरी का मजेदार किस्सा सुनाते हुए बोले, “मर्सिडीज वाले लोग गमले चुरा ले गए। पकड़ते तो बेइज्जती होती, इसलिए बुलाकर CCTV दिखाया।” इससे हंसी का ठहाका लगा।
योगी का प्रेरणादायक संदेशमुख्यमंत्री ने छात्रों को ‘सत्यं वद, धर्मं चर’ (सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो) का मंत्र दिया, जो संविधान के ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “विवेक और संवेदना से ही सच्चा न्याय मिलता है। बेंच और बार का समन्वय कानून के राज को मजबूत करेगा।” पर्यावरण समस्या पर चेतावनी दी, “दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण है,
युवा ही इसका समाधान हैं।”विश्वविद्यालय का महत्वबीबीडी यूनिवर्सिटी शिक्षा के साथ खेल को जोड़ने के लिए जाना जाता है। संस्थापक अखिलेश दास की विरासत को याद करते हुए योगी ने कहा, “यह संस्थान न केवल डिग्री देता है, बल्कि चरित्र निर्माण करता है।” समारोह में कुलपति और अन्य अधिकारियों ने भी छात्रों को बधाई दी।संभावित प्रभावयह दीक्षांत समारोह युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।