पटना : भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का राजनीतिक सफर छोटा लेकिन भावुक साबित हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में छपरा सीट से RJD के टिकट पर लड़े खेसारी को BJP की छोटी कुमारी ने 7,600 वोटों से हरा दिया। हार के बाद सोशल मीडिया पर वायरल उनके वीडियो में वे आंसू छिपाते नजर आए।
एक इंटरव्यू में इमोशनल होकर बोले, “मुझे नेता नहीं बनना था। ये मेरे लिए बिजनेस नहीं था, बल्कि बिहार के लिए एक सपना लेकर आया था।” खेसारी ने जनता का आभार जताया, लेकिन उनकी आंखों में छिपा दर्द फैंस को रुला रहा है। यह हार भोजपुरी इंडस्ट्री में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
छपरा सीट पर खेसारी को 79,245 वोट मिले, जबकि विजेता छोटी कुमारी को 86,845। यह खेसारी का राजनीतिक डेब्यू था, जहां उन्होंने तेजस्वी यादव के लिए कैंपेनिंग में अपना करियर दांव पर लगा दिया। प्रचार के दौरान वे इतने आश्वस्त थे कि बोले, “अगर न जीत पाया तो नाम बदल दो।” लेकिन NDA की लहर में वे पिछड़ गए।
वायरल वीडियो: हार के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर लाइव आकर खेसारी ने कहा, “पूरी छपरा और बिहार की जनता को प्रणाम। आपने जितना प्यार दिया, उसके लिए अभारी रहूंगा। हार-जीत अपनी जगह, लेकिन मुद्दे तब भी उठे थे, आगे भी उठेंगे।” वीडियो में वे आंसू पोछते दिखे, जो लाखों व्यूज बटोर चुका है।
खेसारी का बैकग्राउंड और राजनीतिक एंट्रीखेसारी लाल यादव, जिन्हें भोजपुरी गानों और फिल्मों का ‘किंग’ कहा जाता है, बिहार के छपरा से ही हैं। ‘लॉरेंस द लेग’ और ‘बलमुआ’ जैसी हिट्स से मशहूर, वे पहली बार 2025 में RJD में शामिल हुए। तेजस्वी के साथ उनकी नजदीकी जगजाहिर थी, और उन्होंने कैंपेन में पत्नी चंदा देवी को भी जोड़ा। लेकिन राजनीति में कदम रखते ही विवादों ने घेर लिया – BJP कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी बेटी को धमकी देने का वीडियो भी वायरल हुआ, जिससे वे और इमोशनल हो गए।
RJD ने कहा, “खेसारी की हार हमारी नहीं, NDA की साजिश।” BJP ने पलटवार किया, “जनता ने फैसला लिया।” विश्लेषक मानते हैं कि यह हार खेसारी को भोजपुरी में और मजबूत बनाएगी, लेकिन राजनीति से दूरी बढ़ा सकती है। खेसारी ने संकेत दिया कि वे मुद्दों पर आवाज उठाते रहेंगे, लेकिन नेता बनने का इरादा कमजोर लग रहा। उनकी अगली फिल्म ‘रंगीला’ पर फोकस शिफ्ट हो सकता है।