मध्य प्रदेश के शहडोल में बड़ा हादसा: अवैध कोयला खदान में चट्टान ढहने से पति-पत्नी की मौत, 3 मजदूर फरार

शहडोल : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खदान धंसने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। धनगवां के चुनहा गढ़ई क्षेत्र में कोयले की अवैध खदान में काम कर रहे 5 मजदूरों पर चट्टान गिर पड़ी, जिसमें पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीन मजदूरों को पुलिस ने अभिरक्षा में ले लिया है, लेकिन एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ग्रामीणों ने खनन माफिया के खिलाफ हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन ने जेसीबी से खुदाई कर शव निकाले। यह घटना अवैध खनन के खतरे को फिर से उजागर कर रही है।हादसे का पूरा विवरणघटना का समय और जगह: हादसा शनिवार शाम को धनगवां के चुनहा गढ़ई इलाके में हुई अवैध कोयला खदान में हुआ। खदान में 5 मजदूर काम कर रहे थे, जब अचानक चट्टान ढह गई। दबे मजदूरों में ओमकार यादव उर्फ भौतु (40) और उनकी पत्नी पार्वती यादव (36) शामिल थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बचाव कार्य: ग्रामीणों ने शुरू में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई। सूचना मिलते ही बुढ़ार थाना प्रभारी संजय जायसवाल और एसडीएम की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से देर रात शव निकाले गए। खुदाई के दौरान सिर्फ दंपती के शव ही मिले, लेकिन तीन अन्य मजदूर – बुदु मिश्रा, रीटू बैगा और कृष्णा यादव – को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर है, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ग्रामीणों का आक्रोश: हादसे के बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने खदान माफिया के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क जाम कर दिया। उन्होंने अवैध खनन बंद करने की मांग की। पुलिस ने आश्वासन देकर मामला शांत किया।

अवैध खनन का काला कारोबारखदान का बैकग्राउंड: चुनहा गढ़ई क्षेत्र में वर्षों से अवैध कोयला खनन चला आ रहा है। माफिया जेसीबी और मैनुअल मजदूरी से कोयला निकालते हैं, जो आसपास के बाजारों में बिकता है। प्रशासन की कई कार्रवाई के बावजूद यह कारोबार फल-फूल रहा है।

पिछले हादसे: मध्य प्रदेश में अवैध खनन से जुड़े हादसे आम हैं। हाल ही में बैतूल की छतरपुर-1 खदान में स्लैब गिरने से 3 मजदूरों की मौत हुई थी। शहडोल में भी 2024 में इसी तरह एक हादसे में 2 लोगों की जान गई थी। एसपी शहडोल ने कहा, “अवैध खनन के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। माफिया के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।” जिलाधिकारी ने मृतक परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया।