बिहार चुनाव में BSP को रामगढ़ में मिली जीत पर मायावती हैं खुश, बोलीं- हराने की साजिश हुई नाकाम

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में NDA की प्रचंड लहर के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए एक चमकदार कामयाबी सामने आई है। कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर BSP उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव ने BJP के अशोक कुमार सिंह को महज 30 वोटों से हरा दिया।

पार्टी सुप्रीमो मायावती ने इस जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह दलित-पिछड़े वोटबैंक की ताकत का प्रमाण है और BSP को हराने की साजिश नाकाम हो गई। उन्होंने साथ ही चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पूरी तरह स्वतंत्र मतदान में उनकी पार्टी को कई और सीटें मिलतीं। यह जीत BSP के लिए बिहार में नई उम्मीद जगाती है, जहां पार्टी ने कुल 40 सीटों पर दांव लगाया था लेकिन वोट शेयर मात्र 1.35% रहा।

जीत का रोमांचक सफर: 30 वोटों का जादू

वोटों का हिसाब: सतीश कुमार सिंह यादव को 72,689 वोट मिले, जबकि BJP के अशोक कुमार सिंह को 72,659। RJD के अजित कुमार तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 41,480 वोट हासिल हुए। यह अंतर इतना बारीक था कि गिनती के अंतिम चरण में रामगढ़ में हंगामा मच गया और बाजार समिति मोहनिया में तनाव फैल गया।

पिछला इतिहास: 2020 में RJD के सुधाकर सिंह ने यहां 58,083 वोटों से जीत हासिल की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उपचुनाव में RJD हारी, और अब BSP ने त्रिकोणीय मुकाबले में बाजी मार ली। यह सीट कैमूर-रोहतास-भभुआ क्षेत्र में BSP के लंबे संघर्ष का पहला बड़ा फल है।

सामाजिक समीकरण: रामगढ़ में दलित, OBC और EBC वोटरों का मजबूत समर्थन मिला। विशेषज्ञ इसे मायावती की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की सफलता बता रहे हैं, जो पारंपरिक NDA-महागठबंधन के दोध्रुवीय ढांचे को चुनौती दे रही है।

मायावती का बयान: साजिश नाकाम, निष्पक्षता पर सवालBSP प्रमुख मायावती ने लखनऊ से जारी बयान में कहा, “रामगढ़ की जीत बहुजन समाज की एकजुटता का प्रतीक है। BJP-RJD जैसी पार्टियों ने BSP को हराने की साजिश रची थी, लेकिन जनता ने इसे नाकाम कर दिया।” उन्होंने आगे जोड़ा, “अगर चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होते तो बसपा को और कई सीटें जरूर मिलतीं।”

मायावती ने इस जीत को उत्तर प्रदेश 2027 चुनावों के लिए संकेत बताया, जहां BSP AIMIM जैसे दलों से गठबंधन की चर्चा तेज हो रही है। पार्टी ने बिहार में सीमित सीटों पर ही फोकस किया था, लेकिन रामगढ़ ने साबित कर दिया कि ‘हाथी’ कहीं भी दौड़ सकता है।

बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनावों की मतगणना 14 नवम्बर को हुई थी, जिसमें एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है. कुल 243 सीटों में से 202 सीटे मिलीं हैं. जबकि महागठबंधन को खासा निराशा हाथ लगी है.