सनातन एकता यात्रा: दिल्ली से वृंदावन तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का अंतिम दिन आज

वृंदावन : बागेश्वर धाम के प्रमुख संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की अगुवाई में ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0’ का आज अंतिम और भव्य समापन हो रहा है। 7 नवंबर को दिल्ली के छतरपुर कात्यायनी देवी मंदिर से शुरू हुई यह 170 किलोमीटर लंबी धार्मिक यात्रा आज वृंदावन धाम में समाप्त होगी।

यात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की एकता, सामाजिक सद्भाव, यमुना नदी की स्वच्छता और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को मजबूत करना है। हजारों भक्तों के साथ चल रही इस पदयात्रा में आज बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और अभिनेता राजपाल यादव जैसे सेलिब्रिटीज भी शामिल हुए हैं, जो यात्रा को और भी उत्साहपूर्ण बना रहे हैं।

यात्रा का पूरा सफर और मुख्य पड़ावशुरुआत और रूट: 7 नवंबर को दिल्ली से प्रारंभ हुई यात्रा फरीदाबाद (हरियाणा) और मथुरा होते हुए वृंदावन पहुंची। दैनिक पड़ावों में भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक भोज का आयोजन हुआ। यात्रा के दौरान भक्तों ने ‘जय श्री राम’ और ‘सनातन एकता अमर रहे’ के नारे लगाते हुए भाग लिया।

हाइलाइट्स: तीसरे दिन कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भजन पर नृत्य किया। पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन, WWE रेसलर ग्रेट खली और राजभैय्या जैसे हस्तियां शामिल हुईं। पंडित शास्त्री ने कहा, “यह यात्रा तलवारों की नहीं, विचारों की लड़ाई है। जातिगत अहंकार समाप्त कर सबको एकजुट करना हमारा लक्ष्य है।”

ऑनलाइन पंजीकरण: यात्रा में शामिल होने के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया, जिससे लाखों भक्त जुड़े।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री का संदेशबागेश्वर धाम सरकार ने कहा, “यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सनातन धर्म की पुनरुत्थान की है। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और विश्व शांति के लिए सनातन मूल्यों का प्रसार जरूरी है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की, जो खेल, कल्याण और सनातन धर्म के प्रचार पर फोकस कर रहे हैं। वृंदावन पहुंचने पर शास्त्री ने प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया, जो उन्हें ‘दिव्य सेवक’ बता रहे हैं।

आज का समापन और अपेक्षाएंआज वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भव्य समारोह होगा, जहां आरती, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हैं। यात्रा के समापन पर शास्त्री ने ऐलान किया कि 2026 में वृंदावन से दिल्ली तक उल्टी यात्रा निकाली जाएगी। वृंदावन के संतों ने इसे ‘राष्ट्रीय महायज्ञ’ बताया, जिसमें सभी को भाग लेने का आह्वान किया। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, और लाखों भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।