भाषण से नहीं, व्यवस्था में परिवर्तन लाकर खत्म होता है भ्रष्टाचार, PM मोदी ने किया साबित: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज एक चुनावी रैली में कहा कि भ्रष्टाचार को केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यवस्था में मूलभूत परिवर्तन लाकर ही जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मोदी ने इस सिद्धांत को व्यवहार में उतारकर साबित कर दिया है।

बिहार चुनाव के बीच केसरिया विधानसभा क्षेत्र में NDA उम्मीदवार शालिनी मिश्रा के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने विपक्ष पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।राजनाथ सिंह के मुख्य बयानव्यवस्था परिवर्तन का जोर: सिंह ने कहा, “भ्रष्टाचार भाषणों से नहीं मिटता, इसके लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। हम ऐसी व्यवस्था लाना चाहते हैं कि भारत की राजनीति से भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिट जाए।” उन्होंने DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजना का उदाहरण दिया, जहां महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता पहुंचाई गई, लेकिन एक पैसा भी हड़पा नहीं गया।

मोदी सरकार का रिकॉर्ड: “15-20 साल सरकार चला रहे हैं, एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं—यह छोटी बात नहीं है।” सिंह ने PM मोदी की ईमानदारी और जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की तारीफ की, जो भ्रष्टाचारियों को बैग पैक कराने पर तुली है।

विपक्ष पर निशाना: रक्षा मंत्री ने RJD और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों पर हमला बोला, जहां भ्रष्टाचार के आरोपी नेता जेल से ही गठबंधन चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “सच्चा राजनेता भ्रष्टाचार का आरोप लगते ही पद छोड़ देता है, लेकिन विपक्ष में तो जेल वाले ही मुख्यमंत्री बनने का सपना देखते हैं।”

संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमिबिहार चुनाव का कनेक्शन: यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान आया, जहां NDA विकास और भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर जोर दे रही है। सिंह ने नीतीश कुमार की तारीफ की, जिनके 20 वर्षों के शासन पर कोई भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा।

मोदी के पुराने संकल्प: PM मोदी ने लाल किले से कई भाषणों में भ्रष्टाचार को ‘विकराल समस्या’ बताया और DBT, आधार जैसी तकनीकों से इसे रोका। राजनाथ का यह बयान उसी कड़ी का हिस्सा लगता है, जो 2025 चुनावों में NDA की छवि मजबूत करने का प्रयास है।

जन प्रतिक्रिया: रैली में हजारों समर्थकों ने तालियां बजाकर स्वागत किया, लेकिन विपक्ष ने इसे ‘खोखला दावा’ बताया, जहां ED- CBI का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है।