मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। मोतीपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-13 में देर रात शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक परिवार को तबाह कर दिया। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद घर के बाहर चीख-पुकार मच गई, लेकिन आग की तेज लपटों ने किसी को अंदर घुसने का मौका ही नहीं दिया। मृतकों में पति-पत्नी और दो मासूम बच्चे शामिल हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। प्रशासन ने घायलों को इलाज के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।हादसे की पूरी कहानी: नींद में जागे तो सब कुछ राखघटना शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे हुई, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि घर के बिजली वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग की चिंगारियां उड़ने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धुआं और लपटें इतनी तेज थीं कि पड़ोसी बाहर से चिल्लाते रहे, लेकिन दरवाजा खोलने की कोशिश में खुद को खतरे में डाल लिया। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने बाल्टी से पानी डाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मृतकों में ललन शाह (पिता), उनकी पत्नी, दो छोटे बच्चे (उम्र 4 और 6 वर्ष) और परिवार का एक अन्य सदस्य शामिल हैं। आग में घर का सारा सामान – फर्नीचर, कपड़े, नकदी और दस्तावेज – जलकर राख हो गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “रात को अचानक धुआं दिखा, तो दौड़े लेकिन आग इतनी भयानक थी कि सांस लेना मुश्किल हो गया। बच्चों की चीखें आज भी कान में गूंज रही हैं।
“घायलों की हालत गंभीर: एक की जान पर बन आईघायलों को तुरंत SKMCH के बर्न वार्ड में शिफ्ट किया गया। इनमें लालबाबू प्रसाद कुमार (55 वर्ष), साक्षी कुमारी (14 वर्ष), पुष्पा कुमारी (48 वर्ष) और माला देवी (42 वर्ष) शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, साक्षी की हालत सबसे ज्यादा नाजुक है – 70% से ज्यादा झुलसान होने से उनकी जिंदगी बची रहेगी या नहीं, यह कहना मुश्किल है। प्रशासन ने उन्हें ऑक्सीजन और एंटीबायोटिक्स पर रखा है। डीएम चंद्रकेश सिंह ने बताया, “हम सभी घायलों को मुफ्त इलाज और मुआवजा देंगे। परिवार को हर संभव मदद मिलेगी।”