पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) को करारा झटका लगा है। डेब्यू चुनाव में 239 सीटों पर उतरी JSP को कहीं खास सफलता नहीं मिली, और शुरुआती लीड्स भी फिसल गईं। खासकर चनपटिया विधानसभा सीट पर JSP के उम्मीदवार और यूट्यूबर मनीष कश्यप तीसरे स्थान पर सिमट गए हैं, जबकि BJP के उम्मीदवार उमाकांत सिंह मजबूत बढ़त पर हैं। कुल मिलाकर, JSP का प्रदर्शन एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी के अनुरूप ‘फ्लॉप शो’ साबित हो रहा है, जो NDA और महागठबंधन के बीच की जंग को और रोचक बना रहा है।
चुनाव आयोग के लेटेस्ट ट्रेंड्स के अनुसार, JSP को राज्यभर में 0-2 सीटों पर ही मामूली बढ़त मिली, जो जल्द ही गायब हो गई। पार्टी ने प्रोफेशनल्स, एकेडमिक्स और मीडिया पर्सनालिटीज को टिकट दिए थे, लेकिन वोटरों ने पारंपरिक दलों को तरजीह दी। प्रशांत किशोर ने चुनाव से पहले ‘किंगमेकर’ बनने का दावा किया था, लेकिन एग्जिट पोल्स ने इसे ‘ब्लैंक’ बताया था, जो सही साबित हो रहा है।
पश्चिम चंपारण जिले की चनपटिया सीट पर सबकी नजरें यूट्यूबर-टर्न्ड-पॉलिटिशियन मनीष कश्यप (ट्रिपुरारी कुमार तिवारी) पर थीं। 2023 में तमिलनाडु पुलिस द्वारा मिसइनफॉर्मेशन के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद BJP जॉइन की, फिर छोड़कर JSP में आए कश्यप ने सोशल मीडिया की ताकत से कैंपेन चलाया। लेकिन गिनती के नौवें राउंड तक:
शुरुआती रुझानों में कश्यप आगे थे, लेकिन BJP के उमाकांत सिंह (2020 के विजेता) ने 13,469 वोटों की मार्जिन से फिर पकड़ बना ली। कश्यप के 12,081-13,827 वोटों ने त्रिकोणीय मुकाबला तो बनाया, लेकिन ‘ट्रायंगुलर इम्पैक्ट’ नहीं डाला। स्थानीय वोटरों ने कहा कि कश्यप का ‘बिहारी प्रवासी’ मुद्दा प्रभावी रहा, लेकिन विकास और स्थिरता के नाम पर NDA को चुना।