छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क की, नए प्रोजेक्ट में लगा था काला धन!

रायपुर : छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया गया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई, जिसमें चैतन्य को शराब माफिया के शीर्ष पर बताते हुए लाखों-करोड़ों का काला धन रियल एस्टेट में निवेश करने का आरोप लगाया गया। घोटाले से राज्य को ₹2,500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ, और चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद यह कुर्की जांच को नई गति देगी। चैतन्य जुलाई से जेल में हैं, और पूर्व सीएम भूपेश ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया है।

ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस ने बताया कि कुर्की में ₹59.96 करोड़ की 364 आवासीय प्लॉट्स और कृषि भूमि शामिल हैं, जबकि ₹1.24 करोड़ के बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट भी जब्त हुए। यह संपत्ति चैतन्य के प्रोप्राइटरशिप कंसर्न ‘एम/एस बघेल डेवलपर्स’ के ‘विट्ठल ग्रीन’ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़ी है। एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट से कमाए गए ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (POC) को चैतन्य ने यहां लगाया, जो घोटाले का मूल स्रोत था। पहले ही ₹215 करोड़ की संपत्तियां कुर्क हो चुकी हैं, और कुल POC ₹2,500 करोड़ से ऊपर अनुमानित है।

शराब घोटाला 2019 से 2022 तक चला, जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर की एफआईआर पर ईडी की जांच शुरू हुई, जिसमें आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज है। सिंडिकेट में सरकारी अधिकारी, राजनेता और शराब व्यापारी शामिल थे, जिन्होंने अवैध वसूली से ₹2,161 करोड़ का कलेक्शन किया। चैतन्य को ‘एपेक्स’ पोजीशन पर रखा गया, जहां से POC को फैमिली एसोसिएट्स को ट्रांसफर किया गया।

ईडी ने जुलाई 2025 में चैतन्य को गिरफ्तार किया, जब उसके जन्मदिन पर भिलाई रेसिडेंस पर छापेमारी हुई। एजेंसी का कहना है कि चैतन्य ने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा POC हैंडल किया, जिसमें से ₹16.7 करोड़ रियल एस्टेट में लगे। ट्रिलोक सिंह धींवड़ जैसे व्यापारियों से ₹5 करोड़ फ्लैट खरीद के नाम पर लिए गए। भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा, “मोदी-शाह का ‘बर्थडे गिफ्ट’ – लेकिन न्याय पर भरोसा है।” सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में ईडी के पहले ईसीआईआर को रद्द किया था, लेकिन नई जांच जारी है।

ईडी ने अब तक कई बड़े नामों को दबोचा है। पूर्व आईएएस अनिल तुटेजा, आरविंद सिंह, ट्रिलोक सिंह धींवड़, अनवर धेबर, आनंद पति त्रिपाठी (आईटीएस) और एमएलए कवासी लखमा (तत्कालीन एक्साइज मंत्री) गिरफ्तार हो चुके। चैतन्य 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं। कुल कुर्की अब ₹276 करोड़ से ऊपर पहुंच गई