लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने गजट अधिसूचना जारी कर महिलाओं को रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला 29 खतरनाक उद्योगों पर भी लागू होगा, जहां पहले महिलाओं की एंट्री प्रतिबंधित थी।
सहमति पत्र के साथ काम करने वाली महिलाओं को डबल वेतन, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित परिवहन और गार्ड की सुविधा मिलेगी। योगी सरकार का यह ‘महिला सुरक्षा कवच’ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और वर्कफोर्स में उनकी भागीदारी बढ़ाने का मील का पत्थर साबित होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अक्टूबर के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश फैक्ट्रीज अधिनियम को मंजूरी मिलने के बाद यह प्रावधान लागू हुआ। लेबर डिपार्टमेंट के अनुसार, महिलाओं की सहमति अनिवार्य होगी, और उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। यह फैसला नई यूपी की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का संकल्प है।” राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 71% दोषसिद्धि दर (राष्ट्रीय औसत 18% से कहीं ज्यादा) इस जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।
यह पहल महिलाओं को फैक्ट्रीज, इंडस्ट्रीज और अन्य प्रतिष्ठानों में रात के काम का मौका देगी। पहले कानून में रात 7 बजे के बाद काम पर पाबंदी थी, लेकिन अब सहमति से यह संभव हो गया। प्रमुख सुविधाएं:
डबल वेतन: नाइट शिफ्ट में काम करने पर सामान्य वेतन का दोगुना भुगतान।
सीसीटीवी और सिक्योरिटी: वर्कप्लेस पर 24×7 निगरानी, सिक्योरिटी गार्ड्स की तैनाती।
परिवहन: घर से ऑफिस और वापसी तक सुरक्षित वाहन व्यवस्था।
हेल्थ चेक: नियमित मेडिकल जांच और रेस्ट रूम की सुविधा।
खतरनाक इंडस्ट्रीज: 29 कैटेगरी (जैसे केमिकल, मेटल) में अब महिलाएं काम कर सकेंगी।
निगरानी के लिए स्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग टीम बनेगी, जो उल्लंघन पर लेबर लॉ के तहत एक्शन लेगी। यह फैसला यूपी के इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बूस्ट देगा, खासकर टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में।
यह कदम ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ विजन का हिस्सा है। यूपी में पहले ही 27,000+ महिला पुलिसकर्मी भर्ती हो चुकी हैं, जो नाइट पेट्रोलिंग और महिला बीट्स संभाल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महिलाओं की वर्क पार्टिसिपेशन रेट 20% बढ़ सकती है।
प्रमुख प्रावधान: एक नजर में