सहारनपुर : दिल्ली में10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट की जांच में सहारनपुर का एक बड़ा कनेक्शन सामने आया है। गिरफ्तार डॉक्टर आदिल अहमद राथर, जो कश्मीर के कुलगाम का रहने वाला है, ने न सिर्फ ब्लास्ट में अहम भूमिका निभाई, बल्कि सहारनपुर में एकांतवासी घर बनाकर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अल-कायदा के लिए ‘मिनी रिक्रूटमेंट-कमांड सेंटर’ खोलने की साजिश रची थी।
यह खुलासा पूछताछ में हुआ, जब आदिल ने बताया कि वह धार्मिक छात्रों को भर्ती कर पाकिस्तान भेजने और हथियार जमा करने की योजना बना रहा था। ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत और 25 से ज्यादा घायल हुए, और अब एनआईए इस ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ को नेस्तनाबूद करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने 6 नवंबर को सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल से डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया। वह पिछले 6 महीनों से यहां रेडिएंट डॉक्टर के तौर पर काम कर रहा था। पूछताछ में पता चला कि आदिल ने कुलगाम के वानपोरा गांव से अनंतनाग का सरकारी मेडिकल कॉलेज छोड़कर सहारनपुर शिफ्ट किया था, ताकि शहर के एकांत इलाके में घर किराए पर लेकर ट्रेनिंग सेंटर सेटअप कर सके। यहां वह धार्मिक मदरसों के छात्रों से संपर्क कर उन्हें कट्टर बनाता और JeM के हैंडलर्स से लिंक करता।
आदिल की साजिश 4 अक्टूबर को सहारनपुर में उसकी ही शादी से शुरू हुई। डॉ. रुकैया से निकाह के दौरान JeM के तुर्की-बेस्ड हैंडलर्स ने वीडियो कॉल पर मीटिंग की, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में 26/11 स्टाइल सीरियल ब्लास्ट का प्लान फाइनल हुआ। आदिल ने फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉ. मुजम्मिल शकील के साथ मिलकर 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट, AK-47 राइफलें, पिस्टल और IED कंपोनेंट्स जमा किए।
पुलिस को शक है कि आदिल ने श्रीनगर में JeM के पोस्टर्स लगाने वाले नेटवर्क को भी फंडिंग दी थी। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई कि 27 अक्टूबर को वह खुद पोस्टर्स चिपका रहा था। गिरफ्तारी के बाद अनंतनाग हॉस्पिटल के लॉकर से AK-47 बरामद हुई, जो सहारनपुर से ही सप्लाई हुई थी। आदिल का कनेक्शन लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिद से भी है, जो JeM की इंडिया कमांडर बताई जा रही है।
गृह मंत्रालय ने पूरे यूपी-हरियाणा-दिल्ली में हाई अलर्ट जारी किया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “शिक्षित आतंकी अब चुनौती हैं। सहारनपुर जैसे शहरों में निगरानी बढ़ेगी।” एनआईए ने 15 गिरफ्तारियां और 3 हिरासतें ली हैं, जिसमें कानपुर से 9 संदिग्ध शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘व्हाइट कॉलर जिहाद’ का नया रूप है, जहां डॉक्टर जैसे प्रोफेशनल्स कवर के तहत काम करते हैं।