नई दिल्ली : दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट की जांच में पुलिस को बड़ा क्लू मिला है। आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी और मुजम्मिल गनाई की डायरियों से खुलासा हुआ कि दोनों ने दो साल से ज्यादा समय से आतंकी साजिश रची थी। इन डायरियों में कोड वर्ड्स, नामों की लिस्ट और 8-12 नवंबर की तारीखों का जिक्र है, जो बताता है कि यह ब्लास्ट किसी बड़ी ‘ऑपरेशन’ का हिस्सा था। जांच एजेंसियों को शक है कि यह सिर्फ शुरुआत थी – चार शहरों में 32 वाहनों से सीरियल ब्लास्ट प्लान हो रहा था। ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हुई और 20 से ज्यादा घायल हैं।
दिल्ली पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल रूम नंबर 4 और 13 से ये डायरियां बरामद कीं। मुजम्मिल के रूम से ही 360 किलो विस्फोटक भी जब्त हुए थे, जो यूनिवर्सिटी से महज 300 मीटर दूर धौज इलाके में मिले। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि ब्लास्ट में कार चला रहे ड्राइवर डॉक्टर उमर ही थे।
डायरियों में ‘ऑपरेशन’ शब्द बार-बार लिखा मिला, जो किसी बड़े हमले का संकेत देता है। कोड वर्ड्स जैसे ‘शिपमेंट’ ‘पैकेज’ (हथियार) और अन्य एन्क्रिप्टेड शब्दों से संचार का खुलासा हुआ। आरोपी ‘सेशन’ ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, जो एनोनिमस मैसेजिंग के लिए जाना जाता है। तारीखें 8-12 नवंबर की बताती हैं कि प्लानिंग उसी हफ्ते चरम पर थी।
इंटेलिजेंस सोर्सेज के अनुसार, आरोपी दिल्ली के अलावा मुंबई, लखनऊ और अहमदाबाद में हमले की फिराक में थे। 32 वाहनों को IEDs (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से लैस करने का प्लान था। टारगेट: रेड फोर्ट, इंडिया गेट, कांस्टीट्यूशन क्लब, गौरी शंकर मंदिर, रेलवे स्टेशन और मॉल्स। यह 26/11 मुंबई अटैक जैसा सीरियल ब्लास्ट मिशन था।
पुलिस ने मुजम्मिल शकील और डॉक्टर अदील अहमद राथर को गिरफ्तार किया। लखनऊ की डॉक्टर शाहीन सईद भी स्लीपर सेल से जुड़ी बताई जा रही है। कानपुर से 9 संदिग्ध हिरासत में लिए गए। एनआईए ने स्पेशल टीम गठित की है, जो JeM के फाइनेंशियल नेटवर्क ट्रेस कर रही है।
Delhi Blast : डायरियों ने खोले चौंकाने वाले राज…..कोड वर्ड में लिखा था आतंक का प्लान
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