पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे मतदान के ठीक बाद नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। सामाजिक न्याय की लड़ाई पर जोर देते हुए जितन राम मांझी, कन्हैया कुमार और मैथिली ठाकुर ने मतदाताओं से विकास और समानता का संदेश दिया। पहले चरण में 64.66% मतदान के बाद दूसरे चरण में भी उत्साह देखा गया, जहां 122 सीटों पर वोटिंग जारी रही।
केंद्रीय मंत्री जितन राम मांझी ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाला और एनडीए समर्थकों से अपील की। उन्होंने कहा, “पहले चरण की तरह ही इस चरण में भी एनडीए को भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में जिस तेजी से सड़कें, पुल और शिक्षा संस्थान बन रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि ‘जंगलराज’ अब बीते दिनों की बात हो चुकी है, और डबल इंजन सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। बिहार को पूर्वोदय योजना से चार गुना फायदा हो रहा है। कोई बेहतर सरकार इससे नहीं हो सकती। मैं दिल से आग्रह करता हूं कि मतदाता एनडीए को मजबूत बनाएं, ताकि विकास की रफ्तार तेज हो!
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बेगूसराय में वोट डालने के बाद लोकतंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “यह चुनाव केवल सीटें जीतने का नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं के भविष्य का है। मतदाता रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए वोट दें। महागठबंधन सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई लड़ रहा है। हम जातिगत जनगणना और युवा पलायन रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” कन्हैया ने विपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए की सरकारें योजनाओं का दुरुपयोग कर रही हैं।
बीजेपी उम्मीदवार मैथिली ठाकुर ने दरभंगा के अलीनगर से वोट डालने के बाद कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से प्रभावित हूं। बीजेपी महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने वाली पार्टी है। मतदान के बाद मैं आश्वस्त हूं कि बिहार की बेटियां अब राजनीति में नई ऊंचाइयों को छुएंगी।
विकास और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए एनडीए को समर्थन दें।” ठाकुर ने अपनी उम्मीदवारी को महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि चुनाव परिणाम 14 नवंबर को आने वाले हैं, लेकिन एनडीए की जीत तय है।
यह चुनाव बिहार की 243 सीटों के लिए हो रहा है, जिसमें एनडीए (बीजेपी-जेडीयू-एलजेपी-एचएएम) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कड़ा मुकाबला है। जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर भी मैदान में हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नेपाल सीमा पर 72 घंटे के लिए सतर्कता बरती गई है। मतगणना 14 नवंबर को होगी।