नई दिल्ली : हिंदू राष्ट्र बनाने और समरसता का संकल्प लेकर सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकल पड़ी है. देशभर से आए संतों के सानिध्य में दीदी मां ऋतंभरा सहित संत महात्माओं ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को धर्म ध्वजा देकर पदयात्रा को नई दिल्ली से रवाना किया.
बाबा बागेश्वर ने कहा “आज का यह दिन पहले से ही इतिहास के पन्नों में दर्ज है और फिर से इतिहास बना रहा है. धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज ने गौ माता का आंदोलन शुरू किया था.” उन्होंने आह्वान किया “आज संतों का साथ, सनातनियों का हाथ और नवंबर सात, लक्ष्य के लिए निकल पड़ो.”
बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीने कहा “पूरी दुनिया को हिंदुओं की ताकत का पता चलना चाहिए. परिवार की लड़ाई खत्म करने के लिए विचारों की लड़ाई हेतु यह पदयात्रा निकल रही है. हिंदू कोई धर्म नहीं बल्कि विचारधारा है. पदयात्रा पर 200 से अधिक स्थानों में पुष्पवर्षा हुई. जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई. दरवाजे, छतों व ऊंचे स्थानों पर खड़े होकर लोग पदयात्रा का अभिवादन करते रहे. दिल्ली के छतरपुर के सिद्धपीठ कात्यायनी माता मंदिर प्रांगण से पदयात्रा शुरू हुई.”
पदयात्रा शुरू होने के पहले मंचीय कार्यक्रम हुआ. इसमें आदिगुरु शंकराचार्य जी की, भारत माता और गंगा जी जमुना जी की आरती की गई. महाराज श्री मंच पर आने से पहले कात्यायनी माता मंदिर पहुंचे और माता का दर्शन कर आशीर्वाद लिया. गौ माता का पूजन होने के बाद संतों ने महाराज श्री को पटकी पहनाई. बागेश्वर महाराज ने कहा “यह यात्रा राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक है. इसीलिए यह दिल्ली से वृंदावन जा रही है. गांव-गांव शोर होगा, एकता पर जोर होगा.”
यात्रा की शुरुआत के पहले जैन संत लोकेश मुनि महाराज, शनिधाम के दाती महाराज, अभय दास महाराज, जगतगुरु भैया दास महाराज, कोटवन के मोनी जी महाराज सहित अन्य विद्वत संतों ने अपनी वाणी से उपस्थित सनातनियों को आशीर्वाद दिया.
बता दें कि बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली से वृंदावन के लिए 10 दिनों की पदयात्रा शुरू की है। 7 नवंबर से प्रारंभ ये पदयात्रा 16 नवंबर तक चलेगी। यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छह जिलों के लगभग 422 ग्राम पंचायतों से गुजरेगी। यात्रा की कुल दूरी 150 किलोमीटर होगी।