बिहार : पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि पीएम मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डुबाने की चाल रहे हैं और एनडीए की फिर से सरकार बनने पर वह अपने किसी ‘चेले’ को मुख्यमंत्री बना देंगे और नीतीश को दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर निकाल फेकेंगे। उन्होंने यह कटाक्ष भी किया कि बीजेपी ने नीतीश को इस तरह ‘‘गायब’’ कर दिया है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का नाम ही नहीं लिया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने पटना में रविवार को हुए प्रधानमंत्री के रोडशो का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नीतीश जी कहां थे, नहीं दिखे। एनडीए सरकार बनाने की बात करने वालों ने उन्हें गायब कर दिया। इतना गायब कर दिए, उनको मुख्यमंत्री बनाने का नाम नहीं लेते।’’ खड़गे ने आरोप लगाया, ‘‘चुनाव के बाद क्या होगा, मैं नहीं कह सकता। मोदी जी नीतीश जी को डुबाने की चाल चल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया गया है और चुनाव के बाद उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर निकाल दिया जाएगा।
आरजेडी द्वारा कांग्रेस की कनपटी पर ‘कट्टा रखकर’ मुख्यमंत्री पद छीनने के प्रधानमंत्री के आरोपों पर खड़गे ने तंज कसते हुए, ‘‘क्या जब आरजेडी ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखा, तो नरेन्द्र मोदी वहां मौजूद थे?’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। न कांग्रेस को कोई डरा सकता है न कांग्रेस किसी से डरने वाली है। हमारा महागठबंधन सम्मान और दोस्ती के साथ आगे बढ़ रहा है।’’
खड़गे ने कहा, ‘‘दो दशकों से बिहार में बीजेपी-जेडीयू की सरकार है और 11 वर्ष से मोदी जी केंद्र में हैं, फिर भी वे ‘जंगल राज’ की बात करते हैं। आज अगर मुद्दों की बात करें तो बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्याएं, महंगाई, बेरोज़गारी, बढ़ता पलायन और आर्थिक असमानता है।’’ मोदी जी प्रधानमंत्री हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके पास शिक्षा, स्वास्थ्य, एमएसपी, निवेश के बारे में कहने के लिए कुछ नहीं है।
खड़गे ने कहा, ‘‘बिहार में चुनाव आते ही नीतीश जी ने महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये डाल दिए और सोचा कि महिलाएं इनको वोट दे देंगी। लेकिन बिहार के लोग इतने होशियार हैं कि कोई अगर उनके खाते में 10 लाख रुपये भी डालेगा, तब भी वह सोच-समझकर ही वोट देंगे।’’ उन्होंने सवाल किया कि 10 हजार रुपये देने की बात बीजेपी-जेडीयू को 20 साल में याद क्यों नहीं आई? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जनता जानती है कि यह चुनावी घोषणा है।’’