पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों का प्रचार अभियान चरम पर है। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को है, जिसके चलते सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकने में लगी हुई हैं। बिहार में आज गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव की रैलियां है। इनके अलावा सभी पार्टियों के तमाम बड़े नेता बिहार में मौजूद हैं। सभी अपनी-अपनी पार्टी की जीत का दावा कर रहे हैं और एक-दूसरे के खिलाफ हमलावर हैं।
सीएम योगी ने इस दौरान महागठबंधन पर करारा वार करते हुए कहा कि यह पप्पू, टप्पू और अप्पू तीन बंदरों की जोड़ी है। पप्पू सच बोल नहीं पाता है और टप्पू में सच देखने की क्षमता नहीं है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए डबल इंजन की सरकार को बहुमत से जिताने की मांग की।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान आरजेडी के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वह बिहार का सबसे अंधकारमय दौर था। उस जंगलराज में बेटियां घर से बाहर नहीं निकलती थीं और व्यापारियों के मन में डर रहता था। बिहार को ये लोग फिर से उसी अंधकार के युग में वापस लौटाना चाहते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ की दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सारण और पटना में सोमवार को चुनावी रैलियां हैं। दरभंगा की रैली में उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विदेशी धरती पर जाकर भारत के खिलाफ बयान देना उनकी आदत बन चुकी है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शहजादों को लगता है कि सत्ता उनके पिता से उन्हें मिलेगी। पार्टी में ऐसा हो सकता है, लेकिन बिहार की जनता अब उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।
सीएम योगी ने कहा, ‘बिहार की जनता ने ठान लिया है कि अब एनडीए को पूर्ण बहुमत के साथ फिर से सत्ता में लाना है। जनता परिवारवादी पार्टियों के झांसे में नहीं आने वाली है। उत्तर प्रदेश अब माफिया विहीन हो चुका है। वहां माफियाओं की छाती पर बुलडोजर चलता है। बिहार में अब फिर से गुंडाराज नहीं आने वाला है। ये वही लोग हैं, जो आपको जाति के आधार पर बांटते हैं और घुसपैठियों के लिए माहौल बनाते हैं।’