दिल्ली-NCR में छाई पीली जहरीली धुंध -हफ्ते भर नहीं दिखेगी धूप, अस्पतालों में लगी मरीजों की लाइन

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद से वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है और अब यह ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब पहुंच गई है. 30 अक्टूबर को पूरे दिन शहर पर धुंध की चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई. लोगों ने आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की.

वहीं इस बार अक्टूबर की ठंड ने भी पिछले 15 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवाओं और प्रदूषण के मिश्रण ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जबकि मौसम विभाग ने अगले 5 से 6 दिनों तक स्मॉग बने रहने की चेतावनी दी है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पीएम 2.5 का स्तर 184.4 और पीएम 10 का स्तर 301.9 दर्ज किया. सीपीसीबी ने बताया कि शहर के 38 निगरानी स्टेशनों में से 37 ने 300 से ऊपर वायु गुणवत्ता दर्ज की, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी परिस्थितियों की वजह से प्रदूषण को जमीन के आसपास छाया हुआ है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते सुबह और देर शाम धुंध छाए रहने की संभावना है क्योंकि पृथ्वी की सतह के पास प्रदूषणकारी तत्व जमा होते जा रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि शहर पर छाया पीला धुआं स्मॉग है जो कोहरे और प्रदूषण का मिश्रण है. इसकी वजह से कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए सेहत का खतरा पैदा हो सकता है. दिल्ली में दिवाली के बाद से हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है.

बढ़ते प्रदूषण की वजह से शहर के अस्पतालों में खांसी, सांस फूलने, सीने में जकड़न और नाक बंद होने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है. साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ. विवेक नांगिया ने बताया कि गुरुवार को अस्पताल आए अधिकतर मरीजों ने शिकायत की कि दिवाली के बाद से उनके लक्षण बिगड़ गए हैं.